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Shiv Sena (UBT) के 6 सांसदों के बगावत पर संजय राउत का बयान: ‘लोग आएंगे-जाएंगे, पार्टी चलती रहेगी’

मुख्य बातें शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने पार्टी के छह बागी सांसदों के बारे में कहा है कि उनके जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘लोग आते-जाते रहते…

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने पार्टी के छह बागी सांसदों के बारे में कहा है कि उनके जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'लोग आते-जाते रहते हैं, लेकिन पार्टी आगे बढ़ती रहती है।' राउत ने यह बयान शिवसेना की 60वीं स्थापना वर्षगांठ के मौके पर दिया।

बगावत की वजह

छह सांसदों ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व और कांग्रेस से गठबंधन पर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि शिवसेना (यूबीटी) कांग्रेस में विलय की योजना बना रही है। बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अपनी बात रखी।

संजय राउत का जवाब

राउत ने कहा कि शिवसेना का अस्तित्व सांसदों या विधायकों पर निर्भर नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी कैडर-आधारित है।' उन्होंने बीजेपी पर क्षेत्रीय दलों को खत्म करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 12 सालों में एक-पार्टी राष्ट्र बनाने की कोशिश हो रही है।

फंडिंग का मुद्दा

बागी सांसदों में से एक ओमराजे निंबालकर ने विपक्ष में रहने के कारण संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए फंड की कमी का मुद्दा उठाया था। राउत ने स्वीकार किया कि बीजेपी सांसदों को 200-300 करोड़ रुपये मिलते हैं, जबकि विपक्षी सांसदों को मुश्किल से 1 करोड़ रुपये मिलते हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि यह पार्टी छोड़ने का उचित कारण नहीं है।

राउत का दावा

राउत ने दावा किया कि ये छह सांसद दोबारा चुनाव नहीं जीतेंगे, क्योंकि वे शिवसेना (यूबीटी) के 'मशाल' चुनाव चिन्ह पर जीते थे। उन्होंने कहा कि पार्टी ने कई संकटों का सामना किया है और इस बार भी उबर जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शिवसेना (यूबीटी) के कितने सांसदों ने बगावत की है?

6 लोकसभा सांसदों ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व और कांग्रेस से नजदीकी से नाराज होकर बगावत की है।

बगावत करने वाले सांसदों के नाम क्या हैं?

ओमराजे निंबालकर (धाराशिव), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व), संजय जाधव (परभणी), संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम), नागेश पाटील अष्टिकर (हिंगोली) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी) हैं।

संजय राउत ने बगावत पर क्या प्रतिक्रिया दी?

उन्होंने कहा कि पार्टी सांसदों या विधायकों पर निर्भर नहीं है, यह कैडर-आधारित पार्टी है। उन्होंने बगावत करने वालों को अगले चुनाव में हारने का दावा किया।

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