मुख्य तथ्य
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की सुलह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सन्हूं पंचायत में रविवार, 12 जुलाई 2026 को मौल खड्ड बचाओ अभियान के तहत क्रमिक अनशन का आयोजन किया जाएगा। यह आंदोलन खड्ड में हो रहे अवैध खनन के विरोध में ग्रामीणों द्वारा शुरू किया गया है।
अभियान का विवरण
स्थानीय निवासी संजय सिंह राणा ने बताया कि इस अभियान के दौरान पंचायत प्रधान के माध्यम से प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें मौल खड्ड के संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की मांग उठाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि खड्ड में लगातार अवैध खनन हो रहा है, जिससे क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
ग्रामीणों की चिंता
ग्रामीणों ने बताया कि वे खनन करने वालों से सीधे टकराव नहीं चाहते, बल्कि प्रशासनिक माध्यमों से समस्या का समाधान चाहते हैं। उन्होंने क्षेत्र के सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान में शामिल होने की अपील की है ताकि उनकी मांगों को बल मिल सके।
प्रभाव और आगे की रणनीति
यह क्रमिक अनशन मौल खड्ड बचाओ अभियान का हिस्सा है, जो पिछले कुछ समय से चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध खनन को रोकना है, बल्कि क्षेत्र के जल स्रोतों और पर्यावरण की रक्षा करना भी है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- यह अनशन सन्हूं पंचायत में होगा, जो सुलह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
- ग्रामीण प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मौल खड्ड के संरक्षण की मांग करेंगे।
- अवैध खनन के खिलाफ यह आंदोलन पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सन्हूं में क्रमिक अनशन कब और क्यों हो रहा है?
रविवार, 12 जुलाई 2026 को मौल खड्ड बचाओ अभियान के तहत क्रमिक अनशन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य खड्ड में अवैध खनन रोकना और जल स्रोतों की रक्षा करना है।
अनशन का आयोजन कौन कर रहा है?
स्थानीय निवासी संजय सिंह राणा के नेतृत्व में ग्रामीण इस अभियान को चला रहे हैं।
प्रशासन को क्या मांगें सौंपी जाएंगी?
पंचायत प्रधान के माध्यम से मौल खड्ड के संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की मांगों वाला ज्ञापन सौंपा जाएगा।