Shiksha | academic misconduct

Sai University के VC पर गंभीर आरोपों के बाद Executive Council सदस्य ने दिया इस्तीफा

मुख्य तथ्य साई यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य और मद्रास हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू ने 26 मई को कुलपति अजीत पदथ अब्राहम के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों के बाद अपने पद…

मुख्य तथ्य

साई यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य और मद्रास हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू ने 26 मई को कुलपति अजीत पदथ अब्राहम के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पंचू ने कहा कि कुलपति के खिलाफ अमेरिका में एक नाबालिग के साथ यौन दुराचार और शैक्षणिक कदाचार के 'विश्वसनीय आरोप' हैं, जिनकी तत्काल और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसा नहीं किया।

विवरण

श्रीराम पंचू ने द हिंदू से बातचीत में पुष्टि की कि आरोप बेहद गंभीर हैं और तत्काल जांच की मांग करते हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने 26 मई को चांसलर को अपना इस्तीफा भेज दिया। मैंने कहा कि इन आरोपों की जांच किसी उच्च न्यायिक पदाधिकारी से कराई जानी चाहिए। चूंकि उस तारीख तक कोई स्वतंत्र जांच शुरू नहीं हुई थी, इसलिए मेरे पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।' पंचू ने यह भी कहा कि उनकी कानूनी टीम ने सभी सामग्रियों की जांच की थी और वे आरोपों को गंभीर मानते हैं।

पंचू ने कहा, 'साई प्रशासन को बस इतना करना था कि अजीत अब्राहम के ओक्लाहोमा स्थित विश्वविद्यालय और वहां की पुलिस को पत्र लिखकर जानकारी सत्यापित कर लेते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।'

विश्वविद्यालय का पक्ष

विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपों को 'निराधार और झूठा' बताते हुए तमिलनाडु साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। प्रशासन का कहना है कि चांसलर ने आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक अधिकारी नियुक्त किया है, जो जांच कर रहे हैं।

कुलपति का बचाव

कुलपति प्रो. अब्राहम ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा, 'यह कुछ निजी व्यक्तियों का समन्वित प्रयास है जो मुझे गलत तरीके से पेश करना चाहते हैं। मैंने कभी ऐसी कोई बातचीत या व्यवहार नहीं किया। मुझे कभी गिरफ्तार नहीं किया गया और न ही मेरे खिलाफ कोई आपराधिक आरोप लगा। ये आरोप 22 साल पहले एक छात्र पत्रिका में प्रकाशित हुए थे और बिना सत्यापन के मीडिया में फैल गए।'

अब्राहम ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी अमेरिका छोड़ने के लिए कोई समझौता नहीं किया। उनके पास 2010 तक अमेरिका में घर था और वे कई बार वहां आ-जा सकते थे। 2016 में उन्हें अमेरिकी वीज़ा भी जारी किया गया था, जो दर्शाता है कि उनके खिलाफ कोई इमिग्रेशन समस्या नहीं थी।

प्रभाव और आगे की राह

इस घटनाक्रम ने साई यूनिवर्सिटी की छवि को प्रभावित किया है। श्रीराम पंचू के इस्तीफे से विश्वविद्यालय प्रशासन पर जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का दबाव बढ़ गया है। फिलहाल, मामला तमिलनाडु साइबर क्राइम पुलिस और स्वतंत्र जांच के अधीन है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Sai University के VC पर क्या आरोप हैं?

VC Ajith Padath Abraham पर अमेरिका में एक नाबालिग के साथ यौन दुराचार और शैक्षणिक कदाचार के आरोप लगे हैं।

Sriram Panchu ने इस्तीफा क्यों दिया?

Panchu ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने VC के खिलाफ गंभीर आरोपों की स्वतंत्र जांच नहीं कराई, जिसके कारण उन्होंने Executive Council से इस्तीफा दिया।

VC ने आरोपों पर क्या कहा?

VC Abraham ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि यह एक समन्वित प्रयास है। उन्होंने कभी गिरफ्तार नहीं हुए और न ही कोई plea bargain की।

विश्वविद्यालय प्रशासन का क्या कहना है?

विश्वविद्यालय ने आरोपों को झूठा बताते हुए तमिलनाडु साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और कहा कि चांसलर ने एक स्वतंत्र जांच का आदेश दिया है।

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