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सबरीमाला मंदिर स्वर्ण चोरी मामले में पूर्व tdb अधिकारी मुरारी बाबू का निधन

परिचय सबरीमाला मंदिर स्वर्ण चोरी मामले में आरोपी त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मुरारी बाबू (54) का शनिवार (13 जून 2026) को कोच्चि में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार…

परिचय

सबरीमाला मंदिर स्वर्ण चोरी मामले में आरोपी त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मुरारी बाबू (54) का शनिवार (13 जून 2026) को कोच्चि में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले साल अक्टूबर में इसी मामले में गिरफ्तार किए गए थे।

मृत्यु की पुष्टि

कोच्चि के अमृता अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, मुरारी बाबू का निधन रात 12:48 बजे हुआ। उनका शव परिजनों को सौंप दिया गया है। वह कुछ समय से बीमार थे और अस्पताल में भर्ती थे।

मामले की पृष्ठभूमि

मुरारी बाबू को सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने गिरफ्तार किया था। वह कोट्टायम जिले के चंगनास्सेरी स्थित पेरुन्ना के रहने वाले थे। जांच में पाया गया कि उन्होंने मंदिर की मूर्तियों पर लगी सोने की प्लेटों को तांबे की प्लेटों के रूप में गलत दर्ज किया था।

दो मामलों में आरोपी

मुरारी बाबू दो अलग-अलग मामलों में आरोपी थे। पहले मामले में वह द्वारपाल मूर्तियों से सोने की चोरी में दूसरे आरोपी थे, जबकि दूसरे मामले में वह मंदिर के गर्भगृह के दरवाजों से सोने की चोरी में छठे आरोपी थे। उन्हें 23 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था और सेवा से निलंबित कर दिया गया था।

जांच में खुलासा

जांच में सामने आया कि मुरारी बाबू ने कथित तौर पर मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को नवीनीकरण के बहाने सोने की प्लेटें सौंपी थीं। दरवाजा मामले में भी उनकी भूमिका स्थापित हुई, जिसके कारण आगे की कानूनी कार्यवाही हुई।

2019 में हुई थी घटना

मुरारी बाबू पर आरोप था कि 2019 में सबरीमाला के प्रशासनिक अधिकारी के रूप में सेवा करते हुए उन्होंने द्वारपाल मूर्तियों के सोने से मढ़े तांबे के आवरण और उत्तर-दक्षिण स्तंभों पर सोने की प्लेटों की मरम्मत की बेईमानी से सिफारिश की थी।

जमानत और बाद की स्थिति

कोल्लम विजिलेंस कोर्ट ने 23 जनवरी 2026 को उन्हें दोनों मामलों में जमानत दे दी थी, क्योंकि SIT गिरफ्तारी के 92 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने में विफल रही थी। जमानत के बाद वह बीमार चल रहे थे और अंततः उनका निधन हो गया।

FAQ

मुरारी बाबू कौन थे?

मुरारी बाबू त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी थे, जिन्हें सबरीमाला मंदिर स्वर्ण चोरी मामले में गिरफ्तार किया गया था।

उन पर क्या आरोप थे?

उन पर आरोप था कि उन्होंने मंदिर की मूर्तियों पर लगी सोने की प्लेटों को तांबे की प्लेटों के रूप में गलत दर्ज किया और कथित तौर पर मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को सोना सौंपने में मदद की।

उनकी मृत्यु कब और कहाँ हुई?

उनकी मृत्यु 13 जून 2026 को कोच्चि के अमृता अस्पताल में हुई। वह लंबे समय से बीमार थे।

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