मुख्य तथ्य
केरल के देवस्वम मंत्री के. मुरलीधरन ने सोमवार को गुरुवायुर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने तिरुवनंतपुरम देवस्वम बोर्ड (TDB) से एक हालिया सर्कुलर वापस लेने का अनुरोध किया है। यह सर्कुलर सबरीमाला स्वर्ण हानि मामले में जांच का सामना कर रहे अधिकारियों को बोर्ड में प्रमुख पदों पर नियुक्त करता है।
मंत्री का रुख
मुरलीधरन ने बताया कि उन्होंने शनिवार को TDB अध्यक्ष के. जयकुमार को पत्र लिखकर सर्कुलर वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा, “बोर्ड के पास स्वतंत्र शक्तियां हैं और सरकार सीधे इसके निर्णयों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। फिर भी, मैंने मांग की है कि सबरीमाला स्वर्ण हानि मामले में जांच का सामना कर रहे लोगों की नियुक्ति वाला सर्कुलर वापस लिया जाए।”
मंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि जयकुमार, हालांकि पिछली LDF सरकार द्वारा नियुक्त किए गए थे, निष्पक्ष रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी, “यदि सर्कुलर को सही नहीं किया गया, तो राज्य सरकार यह मान लेगी कि वर्तमान बोर्ड भी स्वर्ण हानि घटना में शामिल है।”
जांच की स्थिति
मुरलीधरन ने कहा कि देवस्वम विभाग स्वर्ण हानि मामले में आगे की कार्रवाई तभी तय कर सकता है जब विशेष जांच दल (SIT) दोनों मामलों में आरोपपत्र दाखिल करे। SIT ने अभी तक कथित स्वर्ण हानि से संबंधित दो मामलों में आरोपपत्र दाखिल नहीं किए हैं।
मंत्री ने कहा, “यदि आरोपपत्रों में खामियां पाई गईं, तो कैबिनेट आगे की जांच का निर्णय लेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोपपत्रों के निष्कर्ष संतोषजनक नहीं हैं तो वे हस्तक्षेप करेंगे।
नए खुलासों की संभावना
मुरलीधरन ने संकेत दिया कि सबरीमाला से संबंधित और खुलासे हो सकते हैं। उन्होंने कहा, “पूर्व देवस्वम मंत्री वी.एन. वासवन ने स्वयं कहा है कि और खुलासे होने हैं। जब नए खुलासे सामने आएंगे, तो उनके आधार पर जांच की जाएगी।”
वासवन ने हाल ही में संकेत दिया था कि पूर्व TDB अध्यक्ष और पूर्व विधायक ए. पद्मकुमार द्वारा एक पुस्तक लिखे जाने की रिपोर्टों के बाद और खुलासे हो सकते हैं, जिसमें मंदिर और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दो महिलाओं के प्रवेश से संबंधित कथित अनियमितताओं का विवरण होगा।
गृह मंत्री का बयान
इस बीच, गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि पद्मकुमार के कथित खुलासों से संबंधित मीडिया रिपोर्टों में नई जांच की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, “पद्मकुमार सबरीमाला स्वर्ण हानि मामले में मुख्य आरोपी है। यदि वह कोई खुलासा करता है, तो SIT जांच करेगी कि वे प्रासंगिक हैं या नहीं। नई जांच की कोई आवश्यकता नहीं है।”
मंत्री ने यह भी बताया कि पद्मकुमार, जिसे SIT ने गिरफ्तार किया था, ने 90 दिनों की हिरासत के बाद वैधानिक जमानत प्राप्त कर ली है।
FAQ
सबरीमाला स्वर्ण हानि मामला क्या है?
यह सबरीमाला मंदिर से जुड़ा एक विवाद है जिसमें मंदिर के स्वर्ण भंडार से कीमती सामानों की कथित हानि हुई थी। मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है।
देवस्वम मंत्री ने सर्कुलर वापस लेने की मांग क्यों की?
मंत्री ने कहा कि सर्कुलर में उन अधिकारियों को प्रमुख पदों पर नियुक्त किया गया है जो स्वर्ण हानि मामले में जांच के दायरे में हैं, जिससे बोर्ड की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
मंत्री ने कहा कि SIT द्वारा आरोपपत्र दाखिल करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि आरोपपत्र में खामियां पाई गईं तो कैबिनेट आगे की जांच का निर्णय लेगी।
स्रोत: www.thehindu.com