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रुपये में उतार-चढ़ाव वैश्विक और घरेलू कारकों से प्रभावित: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

मुख्य तथ्य केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (14 जून, 2026) को कहा कि रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले उतार-चढ़ाव कई वैश्विक और घरेलू कारकों से प्रभावित होता है। वह बेंगलुरु के देवनहल्ली…

मुख्य तथ्य

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (14 जून, 2026) को कहा कि रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले उतार-चढ़ाव कई वैश्विक और घरेलू कारकों से प्रभावित होता है। वह बेंगलुरु के देवनहल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम में बोल रही थीं।

विस्तार से जानकारी

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि वैश्विक और घरेलू कारकों में भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं, विदेशी पूंजी की आवाजाही, और कच्चे तेल, उर्वरक तथा सोने जैसे आयातों पर भारत की निर्भरता शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) विदेशी मुद्रा बाजार में केवल अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए हस्तक्षेप करता है, न कि एक निश्चित विनिमय दर बनाए रखने के लिए।

वित्त मंत्री ने बताया कि केंद्रीय बैंक मुद्रा बाजार में तीव्र उतार-चढ़ाव होने पर ही सीमित रूप से कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम रुपये की चाल को प्रभावित करते हैं, जिनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत निर्णय, प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में उतार-चढ़ाव, और विदेशी निवेश प्रवाह एवं बहिर्वाह शामिल हैं।

रुपये पर प्रभाव

श्रीमती सीतारमण ने कहा, “रुपये की अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चाल कई कारकों से आकार लेती है, जिनमें वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत निर्णय, प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं में उतार-चढ़ाव, और विदेशी पूंजी प्रवाह एवं बहिर्वाह शामिल हैं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की आर्थिक नींव मजबूत बनी हुई है और किसी संकट की आशंका निराधार है।

राहुल गांधी पर हमला

इस दौरान वित्त मंत्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार भारत की उपलब्धियों को कम आंकते हैं और प्रधानमंत्री मोदी तथा केंद्र सरकार की आलोचना करते हैं। श्रीमती सीतारमण ने कहा, “जब भी लोकसभा में विपक्ष के नेता बोलते हैं, वे केवल विकास की आलोचना करते हैं और भारत के लोगों की उपलब्धियों को कम आंकते हैं, यह सोचते हुए कि वे प्रधानमंत्री या केंद्र सरकार पर हमला कर रहे हैं।”

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • रुपये में उतार-चढ़ाव सामान्य है और यह वैश्विक कारकों से प्रभावित होता है।
  • RBI केवल अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए हस्तक्षेप करता है, जिससे बाजार में स्थिरता बनी रहे।
  • भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और किसी संकट की कोई आशंका नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

रुपये में उतार-चढ़ाव के मुख्य कारण क्या हैं?

रुपये में उतार-चढ़ाव वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं में उतार-चढ़ाव, और विदेशी पूंजी प्रवाह एवं बहिर्वाह जैसे कारकों से प्रभावित होता है।

क्या RBI रुपये की विनिमय दर को नियंत्रित करता है?

नहीं, RBI केवल अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करता है, न कि एक निश्चित विनिमय दर बनाए रखने के लिए।

वित्त मंत्री ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?

वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकसभा में केवल सरकार की आलोचना करते हैं और भारत की उपलब्धियों को कम आंकते हैं, जिससे प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पर हमला करने की कोशिश होती है।

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