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राहुल गांधी का पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान

मुख्य तथ्य कांग्रेस ने शनिवार को वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और बेरोजगारी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान के पहले चरण की घोषणा की। पार्टी ने मोदी सरकार पर भारत…

मुख्य तथ्य

कांग्रेस ने शनिवार को वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और बेरोजगारी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान के पहले चरण की घोषणा की। पार्टी ने मोदी सरकार पर भारत के युवाओं के साथ 'व्यवस्थित विश्वासघात' का आरोप लगाया। यह अभियान एक महीने तक चलेगा और इसमें प्रमुख शहरों में छात्र सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।

अभियान का विवरण

राहुल गांधी 17 जून को कोटा, 10 जुलाई को इलाहाबाद, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। इन सम्मेलनों का उद्देश्य छात्रों, नौकरी चाहने वालों, युवा संगठनों और शिक्षकों को एक मंच पर लाना है ताकि परीक्षा घोटालों से प्रभावित लोग अपनी बात रख सकें।

पार्टी की मांगें

  • NEET परीक्षा का विकेंद्रीकरण
  • परीक्षा शुल्क समाप्त करना
  • पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
  • संसद में युवा संकट पर व्यापक चर्चा और विधायी उपाय

प्रभाव और रणनीति

कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा, 'यह अभियान लाखों युवाओं की कठिनाइयों को उजागर करेगा, जिनका भविष्य पेपर लीक, बढ़ती परीक्षा फीस और सरकार की विफलता से बार-बार खतरे में पड़ रहा है।' पार्टी ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों को राजनीतिक संबद्धता से परे एकजुट करेगा और उन्हें अपने अनुभव साझा करने का मंच देगा।

अभियान में एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, प्रदेश और जिला कांग्रेस कमेटियों के माध्यम से छात्रों को जुटाया जाएगा। कैंपस आउटरीच, सोशल मीडिया कैंपेन, कोचिंग सेंटरों और विश्वविद्यालयों में बातचीत के जरिए भी जागरूकता फैलाई जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी के अभियान की मुख्य मांगें क्या हैं?

अभियान की मुख्य मांगों में NEET का विकेंद्रीकरण, परीक्षा शुल्क समाप्त करना, पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और संसद में युवा संकट पर चर्चा शामिल है।

यह अभियान कब और कहाँ शुरू होगा?

अभियान का पहला चरण 17 जून 2026 को कोटा से शुरू होगा, इसके बाद 10 जुलाई को इलाहाबाद, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में सम्मेलन होंगे।

इस अभियान में छात्रों को कैसे शामिल किया जाएगा?

एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, प्रदेश और जिला कांग्रेस कमेटियों के माध्यम से छात्रों को जुटाया जाएगा। कैंपस आउटरीच, सोशल मीडिया कैंपेन और कोचिंग सेंटरों पर बातचीत के जरिए भी जागरूकता फैलाई जाएगी।

स्रोत: www.hindustantimes.com

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