मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कोटा में 'छात्रों की गूंज' रैली को संबोधित करते हुए भारत की शिक्षा प्रणाली को 'जबरन वसूली मशीन' और 'अस्वीकृति प्रणाली' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली छात्रों और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अत्यधिक वित्तीय बोझ और तनाव डालती है।
विस्तार से
राहुल गांधी ने कोटा के एक कार्यक्रम में कहा, 'भारत की शिक्षा प्रणाली एक जबरन वसूली मशीन है। हम एक ऐसी प्रणाली चाहते हैं जो आपको बड़े सपने देखने की अनुमति दे।' उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रणाली बच्चों पर दबाव डालती है, उन्हें तनाव देती है और कुचल देती है।
उन्होंने कहा कि यह रैली राजनीतिक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के लिए है। 'यह आपके बारे में है, उन युवाओं के बारे में है जो भविष्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।'
पांच परीक्षाओं पर खर्च
गांधी ने एक प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि सिस्टम छात्रों को केवल पांच करियर पथों की ओर धकेलता है: SSC, UPSC, RRB, JEE और NEET। उन्होंने दावा किया, 'भारत बच्चों से केवल पांच चीजें करने को क्यों कहता है? इसका जवाब पैसा है, क्योंकि सिस्टम इन पांच रास्तों से पैसा कमाता है।'
उन्होंने कहा कि NEET में 22 लाख छात्र आते हैं, लेकिन 1 लाख से कम का चयन होता है। 'ये बेहद कठिन संभावनाएं हैं।' उन्होंने दावा किया कि पांच बड़ी परीक्षाओं पर परिवार सामूहिक रूप से 3.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं, जो सरकार के शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान और महिला एवं बाल विकास मंत्रालयों के बजट के बराबर है।
बेरोजगारी और सुधार की मांग
गांधी ने कहा कि हर हजार छात्रों में से केवल कुछ को ही वेतनभोगी नौकरियां मिलती हैं। उन्होंने दावा किया कि हर 100 इंजीनियरों में से 80 बेरोजगार हैं। उन्होंने संरचनात्मक सुधारों की मांग की ताकि अवसरों का विस्तार हो और उच्च दबाव वाली परीक्षाओं पर निर्भरता कम हो।
उन्होंने कहा, 'हमें इस प्रणाली को बदलना होगा। हम जो शिक्षा प्रणाली चाहते हैं, उसे हर भारतीय को बड़े सपने देखने की अनुमति देनी चाहिए।'
कोटा का संदर्भ
कोटा देश का प्रमुख कोचिंग हब है, जहां लगभग 1.2 लाख छात्र NEET और JEE की तैयारी कर रहे हैं। राहुल गांधी ने पांच छात्रों से बातचीत की और उनके सपनों, तैयारी और खर्चों पर चर्चा की।
राष्ट्रीय शिक्षा अभियान
कांग्रेस नेता ने एक राष्ट्रीय शिक्षा अभियान शुरू किया, जिसमें वे इलाहाबाद, पटना और दिल्ली में सभाएं करेंगे। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगेंगे।
FAQ
Rahul Gandhi ने कोटा रैली में क्या कहा?
उन्होंने शिक्षा प्रणाली को 'जबरन वसूली मशीन' और 'अस्वीकृति प्रणाली' बताया, जिसमें छात्रों पर अत्यधिक वित्तीय बोझ और तनाव है।
Rahul Gandhi ने NEET और JEE पर क्या आंकड़े दिए?
उन्होंने कहा कि NEET में 22 लाख छात्र आते हैं, लेकिन 1 लाख से कम चुने जाते हैं। पांच बड़ी परीक्षाओं पर परिवार 3.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं।
कांग्रेस की शिक्षा अभियान क्या है?
Rahul Gandhi ने राष्ट्रीय शिक्षा अभियान शुरू किया, जिसमें वे इलाहाबाद, पटना और दिल्ली में सभाएं करेंगे। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगेंगे।
स्रोत: www.hindustantimes.com