पूजा भट्ट का बॉलीवुड डेब्यू और 'डैडी' का सफर
पूजा भट्ट ने महज 17 साल की उम्र में अपने पिता महेश भट्ट की फिल्म 'डैडी' से बॉलीवुड में कदम रखा था। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि यह फिल्म उन्हें लॉन्च करने के लिए नहीं बनाई गई थी। दरअसल, महेश भट्ट के पास एक कहानी थी जिसमें 17 साल की लड़की मुख्य भूमिका में थी, और पूजा उस उम्र की थीं। पिता ने पूछा कि क्या वह इसमें काम करना चाहेंगी, और पूजा ने सोचने का समय मांगा।
पूजा ने बताया कि वह जानती थीं कि फिल्म इंडस्ट्री आसान नहीं है, और उन्होंने आर्किटेक्ट या अंतरिक्ष यात्री बनने के बारे में भी सोचा था। महेश भट्ट ने उन्हें 24 घंटे का समय दिया था। जब पूजा ने कोई जवाब नहीं दिया, तो पिता ने कहा कि वे दिवंगत दिव्या भारती की बेटी ट्विंकल खन्ना से संपर्क करेंगे। यह सुनते ही पूजा ने तुरंत हां कर दी। उन्होंने कहा, "पिता ने कहा कि तुम अभिनय नहीं करना चाहतीं, लेकिन यह भूमिका किसी और को नहीं देना चाहतीं। तुम इस व्यवसाय के लिए बनी हो।"
सेट पर सख्त अनुशासन और दबाव
पूजा को साफ कह दिया गया था कि अगर उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, तो उन्हें फिल्म से निकाल दिया जाएगा। उन्होंने याद किया, "मुझे गहरे पानी में फेंक दिया गया। मेरे पिता ने साफ शब्दों में कहा कि अगर तुम अभिनय नहीं कर सकतीं, तो मैं तुम्हें बाहर निकाल दूंगा।" महेश भट्ट ने उनकी लाइनें जांचीं और संतुष्ट हुए, लेकिन चेतावनी दी कि सेट का माहौल अलग होता है।
पूजा ने बताया कि सेट पर मौजूद लोग, जो उन्हें बचपन से जानते थे, उन पर दबाव डाल रहे थे। उनके स्पॉट बॉय जगन ने कहा, "कल तो पूजा बेटी का शूटिंग है। देखते हैं कि एक्टिंग कर पाएगी या नहीं।" पूजा ने कहा, "सेट पर शिष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है।"
'आशिकी' का ऑफर और इनकार
'डैडी' के बाद पूजा को 'आशिकी' की पेशकश की गई, जिसमें बाद में राहुल रॉय और अनु अग्रवाल ने अभिनय किया। लेकिन पूजा ने यह भूमिका ठुकरा दी क्योंकि उनके तत्कालीन प्रेमी को यह पसंद नहीं था कि वह अभिनेत्री बनें। उन्होंने कहा, "मेरे चाचा मुकेश भट्ट मेरे घर नकदी के बंडल लेकर आए और कहा कि यह तुम्हारी साइनिंग अमाउंट है। मैंने कहा कि मैंने अभिनय नहीं करने का फैसला किया है।"
पूजा ने बताया कि वह एक अच्छी गर्लफ्रेंड बनना चाहती थीं और बलिदान देना चाहती थीं। उन्होंने कहा, "उन्होंने कभी सीधे तौर पर नहीं कहा कि अभिनय मत करो। मैं खुद ही यह सोच रही थी।"
पिता का गुस्सा और सुलह
जब मुकेश भट्ट ने महेश भट्ट को बताया कि पूजा फिल्म से इनकार कर रही हैं, तो महेश भट्ट को बहुत गुस्सा आया। पूजा ने कहा, "फोन पर मुझे केवल गहरी सांसों की आवाज सुनाई दे रही थी। पिता ने कहा कि मंजिल पक्की नहीं है, लेकिन उड़ान गारंटीड है, और तुम्हें पता नहीं कि तुम अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती कर रही हो।"
महेश भट्ट ने दो हफ्तों तक पूजा से बात नहीं की। यहां तक कि जब 'डैडी' के क्रेडिट्स में पूजा का नाम आया, तो उन्होंने व्यंग्यात्मक तालियां बजाईं। बाद में पूजा ने 'आशिकी' के सेट पर जाकर अपना मन बदल लिया और फिल्मों में रुचि ली। उन्होंने आमिर खान के साथ 'दिल है के मानता नहीं' जैसी फिल्में कीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सवाल: पूजा भट्ट ने 'आशिकी' क्यों ठुकराई?
जवाब: क्योंकि उनके तत्कालीन प्रेमी को यह पसंद नहीं था कि वह अभिनेत्री बनें। - सवाल: महेश भट्ट ने पूजा के फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जवाब: वह बहुत गुस्सा हुए और दो हफ्तों तक उनसे बात नहीं की। - सवाल: पूजा भट्ट की पहली फिल्म कौन सी थी?
जवाब: 'डैडी' (1989) जो उनके पिता महेश भट्ट ने निर्देशित की थी। - सवाल: क्या पूजा भट्ट ने 'आशिकी' में अभिनय किया?
जवाब: नहीं, मुख्य भूमिकाएं राहुल रॉय और अनु अग्रवाल को मिलीं।