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मद्रास हाईकोर्ट में वी. पोनराज की याचिका: राजनीतिक आलोचना को fir से बचाने की मांग

मुख्य तथ्य राजनीतिक टिप्पणीकार वी. पोनराज (60) ने मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की है। यह FIR ऊर्जा संसाधन और कानून मंत्री आर. निर्मलकुमार…

मुख्य तथ्य

राजनीतिक टिप्पणीकार वी. पोनराज (60) ने मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की है। यह FIR ऊर्जा संसाधन और कानून मंत्री आर. निर्मलकुमार की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पोनराज ने सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्ट्री कड़गम (TVK) की महिला समर्थकों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की।

मामले का विवरण

न्यायमूर्ति जी.के. इलांथिरैयन ने मंगलवार (16 जून, 2026) को याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे बुधवार (17 जून) तक के लिए स्थगित कर दिया। याचिका में कहा गया कि निर्मलकुमार ने मंत्री बनने से पहले ही यह शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पहले 26 मार्च को तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दी गई थी।

शिकायत के अनुसार, निर्मलकुमार (TVK के संयुक्त महासचिव) ने 18 मार्च को पोनराज का एक YouTube साक्षात्कार देखा, जिसे उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक बताया। चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने 12 मई को FIR दर्ज की।

कानूनी प्रावधान और याचिका के तर्क

FIR में भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्द) और 296बी (अश्लील शब्द) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री प्रकाशित करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। याचिका में दावा किया गया कि FIR दर्ज होने से पहले ही YouTube वीडियो हटा दिया गया था।

याचिका में कहा गया, “यह राजनीतिक शक्ति के दुरुपयोग का स्पष्ट मामला है, जिसमें वैध राजनीतिक आलोचना को चुप कराने के लिए शिकायत की गई है, जो संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत संरक्षित है।” यह भी कहा गया कि FIR एक ऑनलाइन साक्षात्कार का परिणाम है, जिसमें पोनराज केवल सवालों का जवाब दे रहे थे और प्रकाशन एक निजी YouTube चैनल द्वारा किया गया था।

प्रभाव और आगे की कार्यवाही

यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक प्रतिशोध के बीच संतुलन को उजागर करता है। अदालत अब 17 जून को इस याचिका पर आगे सुनवाई करेगी।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • यह मामला राजनीतिक आलोचना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है।
  • FIR में लगाए गए आरोपों में महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी शामिल है।
  • अदालत का फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए मिसाल बन सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वी. पोनराज पर क्या आरोप हैं?

उन पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है, जिसके लिए उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

याचिका में क्या तर्क दिया गया है?

याचिका में कहा गया है कि FIR राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है और यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।

अदालत ने क्या आदेश दिया है?

अदालत ने सुनवाई 17 जून तक स्थगित कर दी है।

स्रोत: www.thehindu.com

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