प्रधानमंत्री मोदी की तीन देशों की यात्रा: एक नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई 2025 तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। यह यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है।
यात्रा का विवरण
प्रधानमंत्री 6 जुलाई को इंडोनेशिया पहुंचेंगे, फिर 8 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया जाएंगे और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड में अपनी यात्रा समाप्त करेंगे। एमईए सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने बताया कि मॉरीशस, सेशेल्स और जापानी पीएम ताकाइची की हालिया यात्राओं के बाद अब फोकस हिंद महासागर के पूर्वी समुद्री क्षेत्रों और 'एक्ट ईस्ट' जुड़ाव पर है।
द्विपक्षीय वार्ता और प्रवासी भारतीय कार्यक्रम
प्रधानमंत्री तीनों देशों में अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इंडोनेशिया में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो, ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और न्यूजीलैंड में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन से मुलाकात होगी। साथ ही, प्रत्येक देश में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- इंडोनेशिया में लगभग 1.4 लाख भारतीय मूल के लोग और अनिवासी भारतीय रहते हैं।
- ऑस्ट्रेलिया में यह संख्या 9.7 लाख है।
- न्यूजीलैंड में लगभग 3 लाख प्रवासी भारतीय हैं।
ऑस्ट्रेलिया: तीसरा भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन
मेलबर्न में 8 जुलाई को प्रधानमंत्री तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड का दौरा करेंगे। इससे पहले दूसरा शिखर सम्मेलन नवंबर 2024 में रियो डी जनेरियो में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ था। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग प्रमुख स्तंभों में से एक है। चर्चा में क्रिटिकल मिनरल्स, साइबर सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन और उभरती प्रौद्योगिकियां शामिल होंगी। ऑस्ट्रेलिया क्वाड समूह का सदस्य है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर शांतिपूर्ण और स्थिर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की वकालत करता है।
इंडोनेशिया: ऐतिहासिक मंदिर का दौरा
जकार्ता में मुख्य कार्यक्रमों के अलावा, प्रधानमंत्री योग्याकार्ता शहर में प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और भारत-इंडोनेशिया इसके संरक्षण पर सहयोग करेंगे। यह यात्रा राष्ट्रपति प्रबोवो की जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत यात्रा के बाद हो रही है।
न्यूजीलैंड: 40 वर्षों में पहली यात्रा
न्यूजीलैंड की यात्रा ऐतिहासिक है क्योंकि यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 40 वर्षों में पहली यात्रा है। यह अप्रैल में दोनों देशों के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते के बाद हो रही है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा ऐतिहासिक है। यह न्यूजीलैंड और भारत के बीच जीतने वाली साझेदारी का जश्न मनाने के बारे में है।" चर्चा में व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, खेल और वैश्विक मुद्दे शामिल होंगे।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी की यह तीन देशों की यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति को मजबूत करने और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव और द्विपक्षीय वार्ताओं से व्यापार, रक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को नई गति मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
PM Modi की तीन देशों की यात्रा कब से कब तक है?
यह यात्रा 6 जुलाई से 11 जुलाई 2025 तक चलेगी।
न्यूजीलैंड की यात्रा क्यों खास है?
यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 40 वर्षों में न्यूजीलैंड की पहली यात्रा है।
इस यात्रा में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, खेल और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी।
प्रवासी भारतीयों की कितनी संख्या इन देशों में है?
इंडोनेशिया में 1.4 लाख, ऑस्ट्रेलिया में 9.7 लाख और न्यूजीलैंड में 3 लाख प्रवासी भारतीय हैं।
स्रोत: indianexpress.com