प्रधानमंत्री मोदी की स्लोवाकिया यात्रा: मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (15 जून 2026) को ब्रातिस्लावा में अपने स्लोवाक समकक्ष रॉबर्ट फिको के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है, जो 1993 में देश की स्वतंत्रता के बाद से ऐतिहासिक है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, एमईए सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और एमईए की अतिरिक्त सचिव पूजा कपूर शामिल थे।
स्वागत समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
प्रधानमंत्री मोदी का ब्रातिस्लावा में पारंपरिक स्लोवाक रीति-रिवाज से स्वागत किया गया, जिसमें रोटी और नमक भेंट किया गया। इस अवसर पर मायावा क्षेत्र के कोपानिसियारिक बाल लोक समूह ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'ब्रातिस्लावा में स्वागत में रोटी और नमक की पारंपरिक पेशकश शामिल थी, जो स्लोवाकिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उनके द्वारा संजोए गए सद्भावना और मित्रता के मूल्यों का सुंदर प्रतिबिंब है।'
द्विपक्षीय वार्ता और रणनीतिक सहयोग
दोनों नेताओं ने ब्रातिस्लावा कैसल में मुलाकात की और एक कला प्रदर्शनी का दौरा किया। वार्ता में व्यापार, निवेश, नवाचार, ऑटोमोबाइल विनिर्माण, रेलवे विकास और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
यात्रा का महत्व
यह यात्रा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अप्रैल 2025 में स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा और स्लोवाक राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी की फरवरी 2026 में भारत यात्रा के बाद हुई है। मोदी तीन दिवसीय यात्रा पर स्लोवाकिया में हैं और राष्ट्रपति पेलेग्रिनी से भी मिलने वाले हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री मोदी की स्लोवाकिया यात्रा कब हुई?
यह यात्रा 14-16 जून 2026 के बीच हुई, जिसमें 15 जून को द्विपक्षीय वार्ता हुई।
भारत और स्लोवाकिया के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई?
व्यापार, निवेश, नवाचार, ऑटोमोबाइल विनिर्माण, रेलवे विकास और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई।
यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पहली यात्रा है जो द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाती है और दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी को दर्शाती है।
स्रोत: www.thehindu.com