प्रमुख तथ्य
पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर रविवार (14 जून 2026) को तड़के करीब 2 बजे रेलवे ट्रैक पर हंगामा हुआ, जब 200 से अधिक युवकों ने विशेष ट्रेन की मांग को लेकर ट्रैक पर धरना दिया। इस घटना के बाद RPF और GRP ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
पूरी घटना
पूर्व मध्य रेलवे जोन के RPF IG अमरेश कुमार ने बताया कि ये युवक उत्साह विभाग की परीक्षा देने का दावा कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा के लिए पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था नहीं है और विशेष ट्रेन की मांग की। रेलवे ने करीब 2 बजे एक विशेष ट्रेन भी भेजी, लेकिन युवक ट्रैक से हटने को तैयार नहीं हुए और पथराव शुरू कर दिया।
पुलिस कार्रवाई
IG अमरेश कुमार ने कहा, "हमने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। तड़के 3 बजे तक स्थिति सामान्य हो गई।" उन्होंने यह भी कहा कि कई युवक असामाजिक तत्व थे जो परीक्षा रद्द कराना चाहते थे। इस घटना से दो पैसेंजर और एक मालगाड़ी घंटों फंसी रही, जबकि अन्य ट्रेनों को वैकल्पिक रूट से चलाया गया।
प्रभाव और जांच
पटना जोन IG जितेंद्र राणा ने बताया कि GRP और रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर FIR दर्ज की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है। बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि युवाओं को शालीनता बनाए रखनी चाहिए।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- यह घटना पाटलिपुत्र स्टेशन, पटना में हुई।
- RPF और GRP ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
- परीक्षा निर्धारित समय पर हुई, लेकिन रेलवे ट्रैफिक प्रभावित हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पटना में रेलवे ट्रैक पर क्यों हुआ हंगामा?
परीक्षार्थी बनकर आए 200 से अधिक युवकों ने पाटलिपुत्र स्टेशन पर ट्रैक पर बैठकर विशेष ट्रेन की मांग की, क्योंकि उनके अनुसार उत्साह विभाग की परीक्षा के लिए पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था नहीं थी।
इस घटना में क्या कार्रवाई हुई?
RPF और GRP ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है और FIR दर्ज की जाएगी।
क्या परीक्षा प्रभावित हुई?
हां, रेलवे ट्रैक पर धरने के कारण दो पैसेंजर और एक मालगाड़ी घंटों फंसी रही, अन्य ट्रेनों को वैकल्पिक रूट से चलाया गया। हालांकि, परीक्षा निर्धारित समय पर हुई।
इस घटना में कितने लोग शामिल थे?
RPF IG अमरेश कुमार के अनुसार, 200 से अधिक युवक घटनास्थल पर मौजूद थे, जिनमें से कई असामाजिक तत्व थे।
Source: www.thehindu.com