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केरल सरकार की पहल पर पारियाथुकावु भूमि विवाद सुलझा, दलित परिवारों को मिलेगी 5 सेंट जमीन और मकान

मुख्य तथ्य केरल के एर्नाकुलम जिले में पारियाथुकावु गांव के पास दलित परिवारों और जमीन मालिकों के बीच लंबे समय से चला आ रहा भूमि विवाद सुलझ गया है। केरल सरकार की अगुवाई में हुई…

मुख्य तथ्य

केरल के एर्नाकुलम जिले में पारियाथुकावु गांव के पास दलित परिवारों और जमीन मालिकों के बीच लंबे समय से चला आ रहा भूमि विवाद सुलझ गया है। केरल सरकार की अगुवाई में हुई बातचीत के बाद प्रभावित सात दलित परिवारों को पांच सेंट जमीन और उसी स्थान पर एक मकान दिया जाएगा।

विवाद का समाधान कैसे हुआ?

उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन की अध्यक्षता में शनिवार रात हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह सहमति बनी। बैठक में प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधियों, जमीन मालिकों, अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। दोनों पक्षों ने सर्वसम्मति से तैयार किए गए फॉर्मूले को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद आंदोलन समिति ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

समझौते की शर्तें

मंत्री रोजी एम जॉन ने पत्रकारों को बताया कि समझौता अदालती फैसले की पृष्ठभूमि में जमीन मालिकों और प्रभावित परिवारों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसके तहत निवासियों को उसी संपत्ति पर पांच सेंट जमीन और सड़क सुविधाएं दी जाएंगी। सरकार एक साल के भीतर उनके लिए मकान बनाएगी। मंत्री ने कहा कि परिवारों को नए मकान बनने तक अपने मौजूदा घरों में रहने की अनुमति होगी।

अगले कदम

दोनों पक्ष दो दिनों के भीतर समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। यह समझौता 16 जून को केरल हाईकोर्ट में महाधिवक्ता के माध्यम से पेश किया जाएगा। मुवट्टुपुझा राजस्व विभाग के अधिकारी और डीवाईएसपी को आवास परियोजना पूरी होने तक समझौते के सुचारू कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आंदोलनकारियों की प्रतिक्रिया

आंदोलन समिति के प्रतिनिधियों ने समझौते का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जमीन मालिकों ने परिवारों को संपत्ति पर रहने की अनुमति देने और पांच सेंट जमीन व मकान देने पर सहमति जताई। साथ ही, विरोध प्रदर्शनों और संबंधित घटनाओं में दर्ज 15 से अधिक मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया गया।

बैठक में शामिल अधिकारी

बैठक में विधायक वी पी सजींद्रन, जिला कलेक्टर जी प्रियंका, एर्नाकुलम ग्रामीण एसपी सुंदरशन, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के मनोज और अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

सरकार की प्रतिबद्धता

राज्य सरकार ने हाल ही में आश्वासन दिया था कि बेदखली का सामना कर रहे सात दलित परिवार बेघर नहीं होंगे और उन्हें जमीन व आवास उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने एर्नाकुलम जिले के प्रभारी मंत्री रोजी एम जॉन को दोनों पक्षों के बीच बातचीत करने और इस मुद्दे का स्थायी समाधान खोजने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पारियाथुकावु भूमि विवाद क्या है?

यह केरल के एर्नाकुलम जिले के पारियाथुकावु गांव में दशकों से रह रहे दलित परिवारों और जमीन के मालिकों के बीच का विवाद है, जिसमें अदालत ने परिवारों को बेदखल करने का आदेश दिया था।

समझौते के तहत दलित परिवारों को क्या मिलेगा?

प्रत्येक परिवार को उसी जमीन पर 5 सेंट जमीन और सरकार द्वारा एक साल के भीतर बनाया गया मकान मिलेगा। साथ ही, नए मकान बनने तक उन्हें अपने मौजूदा घरों में रहने की अनुमति होगी।

यह समझौता अदालत में कब पेश होगा?

समझौते को 16 जून 2026 को केरल हाईकोर्ट में महाधिवक्ता के माध्यम से पेश किया जाएगा।

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