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Pariyathukavu भूमि विवाद: सरकारी बैठक अंतिम समय में स्थगित, दलित परिवारों में निराशा

मुख्य तथ्य केरल के एर्नाकुलम जिले में Pariyathukavu भूमि विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार (12 जून, 2026) रात को होने वाली सरकारी बैठक अंतिम समय में स्थगित कर दी गई। यह बैठक उच्च शिक्षा…

मुख्य तथ्य

केरल के एर्नाकुलम जिले में Pariyathukavu भूमि विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार (12 जून, 2026) रात को होने वाली सरकारी बैठक अंतिम समय में स्थगित कर दी गई। यह बैठक उच्च शिक्षा मंत्री Roji M. John की अध्यक्षता में जिला कलेक्टर के कार्यालय में आयोजित की जानी थी।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह विवाद Malayidamthuruth के पास Pariyathukavu में 2.69 एकड़ जमीन से जुड़ा है, जहाँ सात दलित परिवार बसे हुए हैं। निजी पक्ष (कन्नट्टू संकरन नायर के उत्तराधिकारी) ने अदालत से इस जमीन पर अपना स्वामित्व साबित करने वाले आदेश प्राप्त कर लिए हैं, जिसके बाद इन परिवारों को बेदखली का सामना करना पड़ सकता है।

बैठक स्थगित होने के कारण

आधिकारिक सूचना में बैठक स्थगित होने का कोई कारण नहीं बताया गया। हालांकि, Pariyathukavu कार्रवाई परिषद के संयोजक K.M. Siraj ने आशंका जताई कि निजी पक्ष सरकार के प्रस्ताव से सहमत नहीं हुआ होगा। उन्होंने कहा, "हमें बताया गया कि बैठक अंतिम समय में स्थगित कर दी गई। हमें संदेह है कि जिस निजी पक्ष ने भूमि स्वामित्व का दावा जीता है, उसने सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।"

सरकार का प्रस्ताव

पिछली बैठक में सरकार ने निजी पक्ष से अनुरोध किया था कि वह विवादित संपत्ति में सात परिवारों में से प्रत्येक को पाँच सेंट जमीन आवंटित करे। बदले में सरकार ने इन परिवारों के लिए मकान बनाने और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने का वादा किया था।

आगे की राह

मंत्री के सूत्रों ने कहा कि बैठक उनकी असुविधा के कारण स्थगित नहीं हुई। निजी पक्ष की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है। यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और सरकार इसे सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास कर रही है।

FAQ

Pariyathukavu भूमि विवाद क्या है?

यह केरल के एर्नाकुलम जिले में Malayidamthuruth के पास 2.69 एकड़ जमीन पर सात दलित परिवारों और निजी पक्ष के बीच स्वामित्व का विवाद है।

बैठक क्यों स्थगित की गई?

आधिकारिक कारण नहीं बताया गया, लेकिन आशंका है कि निजी पक्ष सरकार के प्रस्ताव से सहमत नहीं हुआ।

सरकार का प्रस्ताव क्या था?

सरकार ने विवादित भूमि में प्रत्येक परिवार को पाँच सेंट जमीन आवंटित करने, मकान बनाने और बुनियादी सुविधाएँ देने का प्रस्ताव रखा था।

इस मामले में अदालत का क्या आदेश है?

निजी पक्ष (कन्नट्टू संकरन नायर के उत्तराधिकारी) को अदालत से अनुकूल आदेश मिले हैं, जिसके आधार पर वे भूमि पर अपना दावा कर रहे हैं।

Source: www.thehindu.com

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