मुख्य तथ्य
ओडिशा पुलिस ने एक न्यायिक अधिकारी के पति को दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी सोमवार को हुई, जब न्यायिक अधिकारी ने भुवनेश्वर के महिला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। आरोपी की उम्र 34 वर्ष है और वह वर्तमान में नबरंगपुर जिले में तैनात है।
विवरण
पुलिस के अनुसार, दंपति के बीच पिछले 10 महीनों से वैवाहिक कलह चल रही थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके पति ने इस दौरान उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। भुवनेश्वर के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रमेश चंद्र बिसोई ने बताया, "हमने आरोपी को बापूजी नगर क्षेत्र में उसके आवास से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जांच जारी है।"
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज निषेध अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच चलने के कारण अतिरिक्त विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं।
दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा पर बढ़ती चिंता
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पूरे भारत में दहेज से संबंधित अपराध और घरेलू हिंसा एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2025 में जारी आंकड़ों के अनुसार, 2023 में दहेज संबंधी घटनाओं में 6,100 से अधिक महिलाओं की मौत हुई, जबकि दहेज निषेध अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में 14% की वृद्धि हुई।
हाल के हफ्तों में ओडिशा में ही कई दहेज संबंधी मामले सामने आए हैं। इस महीने की शुरुआत में, जगतसिंहपुर जिले में पुलिस ने एक पति और उसके माता-पिता को गिरफ्तार किया, जब एक नवविवाहित महिला की कथित तौर पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना के बाद मौत हो गई। पुलिस ने दहेज हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मुद्दे ने भोपाल में 33 वर्षीय त्विषा शर्मा की मौत के कारण राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है। शर्मा 12 मई को कटारा हिल्स क्षेत्र में अपने ससुराल में मृत पाई गईं, शादी के महज पांच महीने बाद। उनके परिवार ने दहेज उत्पीड़न और क्रूरता का आरोप लगाया, जिसके बाद पुलिस ने पति समर्थ सिंह और उनकी मां, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न की धाराओं में मामला दर्ज किया। मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- दहेज उत्पीड़न एक गंभीर अपराध है, और पीड़ित महिलाएं महिला हेल्पलाइन (181) या स्थानीय पुलिस से संपर्क कर सकती हैं।
- दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत दहेज लेना या देना दंडनीय है।
- यदि आप या आपका कोई परिचित दहेज उत्पीड़न का शिकार है, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Odisha में न्यायिक अधिकारी के पति को क्यों गिरफ्तार किया गया?
उन पर दहेज उत्पीड़न और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगा था। पीड़िता ने 10 महीने तक उत्पीड़न की शिकायत की थी।
आरोपी के खिलाफ किन धाराओं में मामला दर्ज किया गया?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज निषेध अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
देश में दहेज से संबंधित अपराधों की स्थिति क्या है?
NCRB के 2025 के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में 6,100 से अधिक महिलाओं की दहेज संबंधी घटनाओं में मौत हुई, और दहेज निषेध अधिनियम के मामलों में 14% की वृद्धि हुई।