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निडमर्रू में रेलवे ओवरब्रिज का शिलान्यास, मंगलागिरी-अमरावती क्षेत्र में यातायात सुगम होगा

मुख्य तथ्य गुंटूर जिले के मंगलागिरी में निडमर्रू रेलवे फाटक संख्या 14 पर एक नए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का शिलान्यास किया गया है। यह परियोजना मंगलागिरी, अमरावती और ताड़िकोंडा के बीच यातायात को सुगम बनाएगी।…

मुख्य तथ्य

गुंटूर जिले के मंगलागिरी में निडमर्रू रेलवे फाटक संख्या 14 पर एक नए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का शिलान्यास किया गया है। यह परियोजना मंगलागिरी, अमरावती और ताड़िकोंडा के बीच यातायात को सुगम बनाएगी।

परियोजना का विवरण

आंध्र प्रदेश के शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश और केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने बुधवार (17 जून, 2026) को इस 142 करोड़ रुपये की परियोजना की आधारशिला रखी। यह ओवरब्रिज नंबूर-मंगलागिरी रेलवे खंड पर बनाया जाएगा।

यातायात समस्या का समाधान

वर्तमान में इस रेलवे फाटक से प्रतिदिन लगभग 60 ट्रेनें गुजरती हैं, जिसके कारण फाटक दिन में औसतन 8 से 10 घंटे बंद रहता है। पीक आवर्स के दौरान यात्रियों को 10 से 15 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है। ओवरब्रिज बनने के बाद वाहन एक मिनट से भी कम समय में रेलवे लाइन पार कर सकेंगे।

पुल की विशेषताएं

  • चार लेन का पुल रेलवे लाइन से 10 मीटर ऊंचा होगा।
  • कुल लंबाई 767.5 मीटर और कैरिजवे चौड़ाई 15 मीटर होगी।
  • सर्विस रोड, ड्रेनेज, क्रैश बैरियर और सेंट्रल डिवाइडर भी बनाए जाएंगे, जिससे कुल चौड़ाई 28 मीटर हो जाएगी।

क्षेत्रीय विकास पर प्रभाव

यह ओवरब्रिज अमरावती क्षेत्र में शहरीकरण और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। इससे अमरावती प्रशासनिक क्षेत्र का सचिवालय से सीधा संपर्क होगा, जो अभी तुल्लूरू-मंगलागिरी रोड और कृष्णा नदी करकट्टा रोड के माध्यम से होता है। साथ ही, पेदापरिमी, नीरुकोंडा, निडमर्रू और ताड़ेपल्ली के यात्रियों तथा एसआरएम और वीआईटी जैसे विश्वविद्यालयों के छात्रों को भी लाभ होगा।

परियोजना की स्वीकृति

केंद्र सरकार ने मार्च 2025 में इस परियोजना को मंजूरी दी थी, जो पेम्मासानी चंद्रशेखर द्वारा नारा लोकेश के अनुरोध पर प्रस्तावित की गई थी। इसके अलावा, राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने भी इसे मंजूरी देने से पहले समर्थन किया।

काजा ईस्ट लेक पार्क का उद्घाटन

मंत्रियों ने इस अवसर पर मंगलागिरी मंडल के काजा गांव में काजा ईस्ट लेक पार्क का भी उद्घाटन किया। सेलकॉन के सीएसआर फंड से 3.3 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह पार्क 17.18 एकड़ की झील के चारों ओर बनाया गया है। इसमें 1.7 किमी लंबा वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम, बच्चों का खेल क्षेत्र, प्रकाश व्यवस्था, भूनिर्माण और सुरक्षा बाड़ लगाई गई है। 42 प्रजातियों के 12,800 पौधे लगाए गए हैं और झील के बांध को मजबूत किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

निडमर्रू रेलवे ओवरब्रिज की लागत कितनी है?

इस परियोजना की लागत 142 करोड़ रुपये है।

इस ओवरब्रिज से किन क्षेत्रों को लाभ होगा?

इससे मंगलागिरी, अमरावती, ताड़िकोंडा और आसपास के गांवों जैसे बेतापुडी, निडमर्रू, कुरागल्लू और नीरुकोंडा के यात्रियों को लाभ होगा।

पुल की लंबाई और चौड़ाई कितनी है?

पुल की कुल लंबाई 767.5 मीटर और कैरिजवे की चौड़ाई 15 मीटर होगी, जो कुल मिलाकर 28 मीटर तक विस्तारित होगी।

केंद्र सरकार ने इस परियोजना को कब मंजूरी दी थी?

केंद्र सरकार ने मार्च 2025 में इस परियोजना को मंजूरी दी थी।

स्रोत: www.thehindu.com

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