Desh Duniya | elderly woman

Nhrc ने ओडिशा में वृद्ध महिला के सामाजिक बहिष्कार का संज्ञान लिया

मुख्य तथ्य राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में एक वृद्ध महिला और उसके परिवार के सामाजिक बहिष्कार के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। यह घटना महुलडीहा गांव की है, जहां…

मुख्य तथ्य

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में एक वृद्ध महिला और उसके परिवार के सामाजिक बहिष्कार के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। यह घटना महुलडीहा गांव की है, जहां महिला और उसके परिवार को 12 वर्षों तक समाज से अलग-थलग रखा गया।

मामले का विवरण

NHRC के बयान के अनुसार, यह सामाजिक बहिष्कार तब शुरू हुआ जब महिला की बेटी ने एक अलग जाति के व्यक्ति के साथ घर छोड़ दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने परिवार पर जुर्माना लगाया, जिसे वे चुकाने में असमर्थ रहे। परिणामस्वरूप, परिवार को गांव के सामाजिक जीवन से पूरी तरह बाहर कर दिया गया।

महिला की मृत्यु और अंतिम संस्कार

मीडिया रिपोर्टों के हवाले से NHRC ने बताया कि महिला की मृत्यु इसी सामाजिक बहिष्कार के दौरान हुई। ग्रामीणों ने उसकी बेटी को अंतिम संस्कार में कोई सहायता देने से इनकार कर दिया। अंततः स्थानीय प्रशासन और गैर-सरकारी संगठनों के हस्तक्षेप से अंतिम संस्कार संपन्न हो सका।

NHRC की कार्रवाई

आयोग ने ओडिशा के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। NHRC ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना है और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • सामाजिक बहिष्कार भारतीय संविधान के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
  • NHRC ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकता है।
  • प्रशासन का कर्तव्य है कि वह पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NHRC ने ओडिशा में किस मामले का संज्ञान लिया है?

NHRC ने ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के महुलडीहा गांव में एक वृद्ध महिला और उसके परिवार के सामाजिक बहिष्कार का स्वतः संज्ञान लिया है।

इस सामाजिक बहिष्कार की शुरुआत क्यों हुई?

महिला की बेटी ने एक अलग जाति के व्यक्ति के साथ घर छोड़ दिया था, जिसके बाद ग्रामीणों ने परिवार पर जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न कर पाने के कारण परिवार को 12 वर्षों तक सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा।

महिला की मृत्यु के बाद क्या हुआ?

ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार में मदद करने से इनकार कर दिया। स्थानीय प्रशासन और गैर-सरकारी संगठनों के हस्तक्षेप के बाद अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

NHRC ने क्या कार्रवाई की है?

NHRC ने ओडिशा के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

Source: www.thehindu.com

Follow us on Google News

Explore more

मसूरी में नवविवाहिता सॉफ्टवेयर इंजीनियर की होमस्टे में संदिग्ध मौत

घटना का विवरण मसूरी में एक नवविवाहिता सॉफ्टवेयर इंजीनियर की होमस्टे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पीड़िता की पहचान 27…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

ईरान संघर्ष विराम और मोदी-ट्रंप वार्ता: भारत की रणनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव

मुख्य तथ्य हिंदुस्तान टाइम्स के कार्यकारी संपादक शिशिर गुप्ता ने अपने कॉलम ‘पॉइंट ब्लैंक’ में ईरान-अमेरिका संघर्ष विराम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…

Roshan Anand ने ‘Khan Sir’ पर लगाए गंभीर आरोप: जेल में हत्या की साजिश और भाई की मौत का आरोप

Key Facts Gyan Bindu GS Academy के निदेशक Roshan Anand, जिन्हें सोमवार को जमानत मिल गई, ने शिक्षक Faisal Khan (Khan Sir)…

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डोडा में ड्रग तस्कर के दो मकान और दुकानें कुर्क कीं

मुख्य तथ्य जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोमवार (15 जून, 2026) को डोडा जिले में एक कथित ड्रग तस्कर के दो आवासीय मकानों और…