प्रमुख तथ्य
हैदराबाद के धरना चौक पर रविवार (14 जून, 2026) को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और तेलंगाना शिक्षा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अकुनूरी मुरली ने भी हिस्सा लिया।
प्रदर्शन का विवरण
सुबह 9 बजे से लोग धरना चौक पर इकट्ठा होने लगे, जिनके हाथों में 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें' जैसे पोस्टर थे। दोपहर तक तम्बू क्षमता से अधिक भर गया, और कई लोगों को बाहर खड़ा होना पड़ा। प्रदर्शन में दक्खनी नारों और व्यंग्यात्मक पोस्टरों ने माहौल को और रोचक बना दिया।
प्रमुख वक्ताओं के विचार
जे. सौम्या का बयान
प्रदर्शन में शामिल कार्यकारी पेशेवर जे. सौम्या ने कहा, "यह समय है कि कोई जवाबदेही की मांग करे। पेपर लीक हुआ और लाखों छात्र प्रभावित हुए। हम सरकार से जिम्मेदारी लेने की मांग कर रहे हैं।"
अकुनूरी मुरली का सवाल
तेलंगाना शिक्षा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अकुनूरी मुरली ने कहा, "जब तक युवा सड़कों पर नहीं उतरेंगे, तब तक बदलाव नहीं आएगा। केवल 6% स्नातकों के पास नौकरी के लिए आवश्यक कौशल हैं। बाकी 94% को वे कौशल क्यों नहीं दिए जा रहे?"
सोनम वांगचुक का संबोधन
सुबह 11 बजे के बाद सोनम वांगचुक के आगमन पर सबसे जोरदार तालियां बजीं। उन्होंने हैदराबाद के युवाओं की सराहना करते हुए कहा, "हमारा देश ऐसा है कि कुछ स्कूलों के छात्र अमेरिका से बेहतर शिक्षा पा रहे हैं, जबकि अधिकांश बच्चे उप-सहारा अफ्रीका से भी खराब स्कूलों में पढ़ रहे हैं। यदि हमारी आने वाली पीढ़ी ऐसी है, तो हम 2047 तक विकसित भारत कैसे बन सकते हैं?"
प्रभाव और निष्कर्ष
यह प्रदर्शन शिक्षा प्रणाली में व्यापक असमानता और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है। चार घंटे चले इस प्रदर्शन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन कहां हुआ? यह हैदराबाद के धरना चौक पर हुआ।
- प्रदर्शन में किन प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया? सोनम वांगचुक और अकुनूरी मुरली ने भाग लिया।
- प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या थी? केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- सोनम वांगचुक ने अपने भाषण में क्या कहा? उन्होंने शिक्षा में असमानता और विकसित भारत के लक्ष्य पर सवाल उठाए।
स्रोत: www.thehindu.com