मुख्य तथ्य
भोपाल में शनिवार (13 जून, 2026) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के दौरे के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) और राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई NEET-UG परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक और CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में अनियमितताओं के विरोध में छात्रों द्वारा काले झंडे दिखाने की योजना के मद्देनजर की गई।
हिरासत का विवरण
हबीबगंज पुलिस स्टेशन के प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि कम से कम 15 कार्यकर्ताओं को राज्य कांग्रेस मुख्यालय से बाहर निकलते ही हिरासत में लिया गया। उनके पास पोस्टर और बैनर थे। पुलिस ने कहा कि खुफिया इनपुट के आधार पर यह निवारक कार्रवाई की गई ताकि VIP रूट और कार्यक्रमों में बाधा न हो। चौकसे ने कहा, "वे काले झंडे दिखाने की योजना बना रहे थे, जो शांतिपूर्ण विरोध नहीं है।"
गिरफ्तार नेता और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
हिरासत में लिए गए लोगों में NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, IYC के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार और जिला अध्यक्ष अमित खत्री शामिल हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कई नेताओं को उनके घरों से उठाया गया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर कहा, "धर्मेंद्र प्रधान जी, लोकतंत्र में असहमति सुनने का साहस होना चाहिए, न कि उसे दबाने का! आप NEET पेपर लीक के लिए जवाबदेह हैं, इसलिए काले झंडे से डरने के बजाय छात्रों के सवालों का सामना करें!"
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि अन्य स्थानों से भी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है और उन्हें अभी तक रिहा नहीं किया गया है। यह घटना NEET पेपर लीक विवाद के बीच छात्रों और सरकार के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- NEET-UG परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक की घटना ने देशभर में छात्रों में आक्रोश फैलाया है।
- CBSE के OSM सिस्टम में गड़बड़ी के आरोपों ने भी विरोध को बढ़ावा दिया है।
- पुलिस की कार्रवाई को कांग्रेस ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भोपाल में कितने छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया?
कम से कम 15 छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया, जिनमें NSUI और IYC के पदाधिकारी शामिल हैं।
पुलिस ने हिरासत का क्या कारण बताया?
पुलिस के अनुसार, खुफिया इनपुट थे कि प्रदर्शनकारी VIP रूट और कार्यक्रमों में बाधा डाल सकते हैं, इसलिए उन्हें निवारक हिरासत में लिया गया।
कांग्रेस ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कांग्रेस ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति सुनने का साहस होना चाहिए, न कि उसे दबाने का। पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान पर NEET पेपर लीक के लिए जवाबदेही का आरोप लगाया।
स्रोत: www.thehindu.com