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Ncert ने जारी की कक्षा 8 की संशोधित पाठ्यपुस्तक, नए कवर पर सर्वोच्च न्यायालय को दी प्रमुखता

परिचय राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने विवादों में घिरी अपनी कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक का संशोधित संस्करण जारी किया है। नए संस्करण में कवर पेज को पूरी तरह से बदल…

परिचय

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने विवादों में घिरी अपनी कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक का संशोधित संस्करण जारी किया है। नए संस्करण में कवर पेज को पूरी तरह से बदल दिया गया है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय को सबसे प्रमुख स्थान दिया गया है। यह कदम चार महीने पहले पुस्तक को वापस लेने के बाद उठाया गया है, जब न्यायपालिका पर एक अध्याय ने विवाद खड़ा कर दिया था।

मुख्य तथ्य

  • NCERT ने 7 जुलाई 2026 को कक्षा 8 की संशोधित सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक जारी की।
  • नए कवर पर सर्वोच्च न्यायालय को शीर्ष पर रखा गया है, जबकि संसद को नीचे की ओर स्थान दिया गया है।
  • पिछले कवर पर मौजूद भगत सिंह, महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरोजिनी नायडू, जवाहरलाल नेहरू, कमलादेवी चट्टोपाध्याय और सावित्रीबाई फुले जैसे नेताओं के चित्र हटा दिए गए हैं।
  • ताजमहल को कवर से हटा दिया गया है, जबकि कोणार्क सूर्य मंदिर और इंडिया गेट को बरकरार रखा गया है।
  • आधुनिक गगनचुंबी इमारतों को हटाकर संवैधानिक संस्थानों पर जोर दिया गया है।

विवाद की पृष्ठभूमि

कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक का दूसरा भाग फरवरी 2026 में जारी किया गया था, जिसमें 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' शीर्षक से एक खंड शामिल था। इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया और पुस्तक पर प्रतिबंध लगा दिया। NCERT ने माफी मांगी और 38 प्रतियां जब्त की गईं। बाद में पुस्तक को वापस ले लिया गया और अदालत के निर्देशानुसार इसे संशोधित किया गया।

संशोधित पाठ्यपुस्तक में बदलाव

नए संस्करण में न्यायपालिका अध्याय को काफी हद तक बदल दिया गया है। 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' और न्यायिक पिछड़ेपन जैसे विषयों को हटा दिया गया है। इसके बजाय, सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक भूमिका, जनहित याचिका (PIL), न्यायाधिकरण और वैकल्पिक विवाद समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई है। अध्याय की शुरुआत में 'बड़े प्रश्न' खंड को भी बदल दिया गया है। पहले छात्रों से पूछा जाता था कि एक स्वतंत्र न्यायपालिका क्यों आवश्यक है, अब उनसे पूछा जाता है कि 'न्यायपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण समाज' के लिए न्याय क्यों महत्वपूर्ण है।

प्रभाव और विश्लेषण

यह संशोधन शिक्षा और न्यायपालिका के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाठ्यपुस्तकों में संवैधानिक संस्थानों की भूमिका को संतुलित तरीके से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। नए कवर और अध्याय में बदलाव से यह स्पष्ट है कि NCERT ने सर्वोच्च न्यायालय की आपत्तियों को गंभीरता से लिया है। हालांकि, कुछ शिक्षाविदों का कहना है कि पाठ्यपुस्तकों में आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देना भी जरूरी है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

  • यह पाठ्यपुस्तक कक्षा 8 के छात्रों के लिए है और अब स्कूलों में उपलब्ध होगी।
  • NCERT ने सुनिश्चित किया है कि संशोधित संस्करण में कोई विवादास्पद सामग्री न हो।
  • अभिभावक और शिक्षक नई पाठ्यपुस्तक की सामग्री की समीक्षा कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

NCERT ने कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक क्यों वापस ली थी?

पाठ्यपुस्तक में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' शीर्षक से एक अध्याय शामिल था, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया और पुस्तक को वापस लेने का निर्देश दिया।

नए कवर में क्या बदलाव किए गए हैं?

नए कवर पर सर्वोच्च न्यायालय को सबसे ऊपर रखा गया है, जबकि संसद को नीचे की ओर स्थान दिया गया है। पिछले कवर पर मौजूद कई स्वतंत्रता सेनानियों और सांस्कृतिक प्रतीकों को हटा दिया गया है।

संशोधित पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका अध्याय में क्या बदलाव किए गए?

अध्याय से 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' और न्यायिक पिछड़ेपन जैसे विषयों को हटा दिया गया है। इसके बजाय, सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक भूमिका, जनहित याचिका और वैकल्पिक विवाद समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

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