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नशा मुक्त समाज के निर्माण में प्रधानाचार्य निभाएं अग्रणी भूमिका : देवगन

प्रमुख बिंदु उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने प्रधानाचार्यों से नशा मुक्त समाज निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। जिले की 24 हाई-रिस्क पंचायतों की पहचान की गई है। 26 जून को एंटी ड्रग…

प्रमुख बिंदु

  • उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने प्रधानाचार्यों से नशा मुक्त समाज निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
  • जिले की 24 हाई-रिस्क पंचायतों की पहचान की गई है।
  • 26 जून को एंटी ड्रग डे पर सभी स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम होंगे।
  • सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में प्रधानाचार्यों के लिए संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई।

विस्तार से

मंडी जिले में नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए उपायुक्त अपूर्व देवगन ने प्रधानाचार्यों को अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि एंटी चिट्टा अभियान के तहत जिले की 24 हाई-रिस्क पंचायतों की पहचान की गई है और 26 जून को एंटी ड्रग डे पर सभी स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के लिए एक संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य स्कूलों में नशा रोकथाम, किशोर स्वास्थ्य जागरूकता और किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण को बढ़ावा देना था।

उपायुक्त का संदेश

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने प्रधानाचार्यों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों से नियमित संवाद रखें और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा, "प्रधानाचार्य नशा मुक्त समाज के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं।" उन्होंने खेल, योग और फिटनेस गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

स्वास्थ्य विभाग की भूमिका

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने कहा कि ड्रग डिमांड रिडक्शन अभियान में प्रधानाचार्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पवनेश ने नशे की पहचान, रोकथाम और समय पर हस्तक्षेप की जानकारी दी। कार्यशाला में डॉ. आलोक शर्मा, डॉ. विक्रम और उपनिदेशक यशवीर कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

आगे की रणनीति

उपायुक्त ने मासिक एंटी चिट्टा बैठकों को प्रभावी बनाने और विद्यार्थियों से नियमित संवाद रखने पर जोर दिया। इस पहल से जिले में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में मदद मिलेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंडी जिले में कितनी हाई-रिस्क पंचायतें चिह्नित की गई हैं?

मंडी जिले में एंटी चिट्टा अभियान के तहत 24 हाई-रिस्क पंचायतों की पहचान की गई है।

एंटी ड्रग डे पर क्या कार्यक्रम होंगे?

26 जून को सभी स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यशाला का उद्देश्य क्या था?

सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य स्कूलों में नशा रोकथाम, किशोर स्वास्थ्य जागरूकता और एचपीवी टीकाकरण को बढ़ावा देना था।

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