मुख्य तथ्य
वर्किंग कमेटी ऑफ नागा नेशनल पॉलिटिकल ग्रुप्स (WC-NNPGs) ने केंद्र सरकार, असम और नागालैंड के बीच हुए तेल और गैस अन्वेषण समझौते का कड़ा विरोध किया है। यह समझौता दोनों राज्यों के विवादित सीमा क्षेत्र में अन्वेषण फिर से शुरू करने के लिए 11 जून 2026 को हस्ताक्षरित हुआ था।
समझौते का विवरण
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो की उपस्थिति में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत 512 किमी लंबी सीमा पर तेल और गैस अन्वेषण को फिर से शुरू करने की योजना है, जो 1990 के दशक में उग्रवाद और स्थानीय विरोध के कारण रोक दिया गया था।
WC-NNPGs का विरोध
WC-NNPGs ने 12 जून 2026 को एक बयान जारी कर कहा कि नवंबर 2017 में केंद्र के साथ हस्ताक्षरित 'एग्रीड पोजीशन' के अनुसार, नागा राजनीतिक समाधान के बाद ही भूमि और संसाधनों पर कानून बनाया जा सकता है। समूह ने कहा, "इसका अर्थ है कि समाधान के बाद की नागालैंड सरकार, और जब तक इंडो-नागा राजनीतिक समझौता आधिकारिक रूप से हस्ताक्षरित नहीं हो जाता, नागा क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन अवैध है।"
समूह ने चेतावनी दी कि वह शांतिपूर्ण या अशांतिपूर्ण तरीके से सुनिश्चित करेगा कि कोई भी कंपनी नागा भूमि से कच्चा तेल न निकाले। उन्होंने यह भी कहा कि नागालैंड के लिए असम के साथ तेल राजस्व साझा करने का कोई कारण नहीं है जब असम ने दशकों तक नागालैंड के साथ राजस्व साझा नहीं किया।
सरकार का दृष्टिकोण
भारत अपने आयात पर निर्भरता कम करने के लिए असम-नागालैंड सीमा पर लगभग 1,000 वर्ग किमी क्षेत्र में अन्वेषण को बढ़ावा देना चाहता है। वर्तमान में भारत अपनी कच्चे तेल की 88% से अधिक और प्राकृतिक गैस की 50% से अधिक आवश्यकता आयात करता है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, "अकेले असम में भारत के कच्चे तेल भंडार का लगभग 22% और प्राकृतिक गैस भंडार का लगभग 15% है, जबकि नागालैंड में नागा-शुप्पेन बेल्ट में महत्वपूर्ण हाइड्रोकार्बन क्षमता है। पूर्वोत्तर में ईएंडपी गतिविधियों की संभावनाएं अत्यधिक आशाजनक हैं।"
गृह मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता पूर्वोत्तर में तेल उत्पादन को वर्तमान 1,000-1,500 बैरल प्रति दिन से दस गुना बढ़ा सकता है।
पाठकों के लिए महत्व
यह विवाद भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा के बीच संतुलन को उजागर करता है। नागा राजनीतिक समाधान की अनुपस्थिति में, इस तरह के अन्वेषण प्रयासों को स्थानीय समूहों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
WC-NNPGs क्या है?
WC-NNPGs (वर्किंग कमेटी ऑफ नागा नेशनल पॉलिटिकल ग्रुप्स) सात उग्रवादी संगठनों का एक समूह है जो नागा राजनीतिक मुद्दे के समाधान के लिए काम करता है।
असम-नागालैंड तेल अन्वेषण समझौता कब हुआ?
यह समझौता 11 जून 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हुआ।
नागालैंड में कितना तेल भंडार अनुमानित है?
नागालैंड में लगभग 600 मिलियन टन तेल और प्राकृतिक गैस भंडार होने का अनुमान है।
भारत अपनी तेल आवश्यकता का कितना प्रतिशत आयात करता है?
भारत अपनी कच्चे तेल की 88% से अधिक और प्राकृतिक गैस की 50% से अधिक आवश्यकता आयात करता है।