मुंबई में पानी की किल्लत: बीएमसी ने औद्योगिक-व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 20% कटौती लागू की
मुंबई में जल संकट गहरा गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने औद्योगिक, व्यावसायिक और खेल प्रतिष्ठानों को पानी की आपूर्ति में 20% की कटौती कर दी है। यह निर्णय शहर की आपूर्ति करने वाले सात जलाशयों में जल स्तर गिरकर कुल क्षमता के मात्र 10.35% रह जाने के बाद लिया गया है। ये प्रतिबंध बुधवार से प्रभावी हो गए हैं।
जल संकट के कारण
मुंबई का जल संकट मुख्यतः मानसून में देरी और सात झीलों में घटते भंडारण के कारण है। ये झीलें शहर की पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्रोत हैं। मानसून के देर से आने और सामान्य से कम प्रवाह के चलते जल स्तर तेजी से गिरा है। मंगलवार तक जलाशयों में कुल 149,750 मिलियन लीटर पानी बचा था, जो क्षमता का मात्र 10.35% है। पहले से लागू 10% कटौती के बावजूद स्थिति बिगड़ी है।
कौन से जलाशय प्रभावित?
मुंबई को सात जलाशयों से पानी मिलता है। वर्तमान स्तर:
- विहार: 42.40%
- मोडक सागर: 30.49%
- तुलसी: 23.33%
- मिडल वैतरणा: 10.46%
- भातसा: 9.64%
- तानसा: 5.13%
- अपर वैतरणा: 0%
अपर वैतरणा पूरी तरह सूख चुका है, जबकि तानसा और भातसा गंभीर स्तर पर हैं।
किन पर पड़ेगा असर?
फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं पर कोई कटौती नहीं है। नए नियम:
- औद्योगिक, व्यावसायिक और खेल क्लबों को 20% कम पानी मिलेगा।
- निर्माण स्थलों और स्विमिंग पूल के कनेक्शन काटे जाएंगे।
- नए निर्माणों के लिए ताजे पानी के कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे।
- सार्वजनिक शौचालयों को टैंकर या बोरवेल से पानी लेने का निर्देश दिया गया है।
- पीने योग्य पानी का उपयोग वाहन धोने, बागवानी, सड़क सफाई के लिए प्रतिबंधित है।
क्या घरेलू आपूर्ति प्रभावित हो सकती है?
बीएमसी ने अभी तक आवासीय क्षेत्रों में कटौती की घोषणा नहीं की है। लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि जल स्तर गिरता रहा और मानसून नहीं आया तो सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। नवी मुंबई में पारंपरिक कुओं को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई गई है।
FAQ
बीएमसी ने 20% पानी की कटौती क्यों लागू की?
देरी से मानसून और जलाशयों में घटते स्तर (कुल क्षमता का केवल 10.35%) के कारण, बीएमसी ने पीने के पानी को प्राथमिकता देने के लिए औद्योगिक, व्यावसायिक और खेल प्रतिष्ठानों की आपूर्ति में कटौती की है।
मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशय कौन से हैं?
मुंबई को सात झीलों से पानी मिलता है: विहार, मोडक सागर, तुलसी, मिडल वैतरणा, भातसा, तानसा और अपर वैतरणा। अपर वैतरणा पूरी तरह सूख चुका है।
क्या घरेलू उपभोक्ताओं पर पानी की कटौती लागू होगी?
फिलहाल आवासीय क्षेत्रों में कोई कटौती नहीं है। लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून से जल स्तर नहीं सुधरा तो सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
नए प्रतिबंध क्या हैं?
उद्योगों/वाणिज्यिक इकाइयों के लिए 20% कटौती; निर्माण स्थलों और स्विमिंग पूल के कनेक्शन काटे जाएंगे; पीने योग्य पानी का उपयोग वाहन धोने, बागवानी आदि के लिए प्रतिबंधित है।