मुख्य तथ्य
भारत में 4 से 18 जून 2026 के बीच सामान्य से 41% कम बारिश दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस अवधि में देश में सिर्फ 42.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य 72.2 मिमी होनी चाहिए थी। मौसम विभाग ने गुरुवार (18 जून) को कहा कि 'अनुकूल बड़े पैमाने पर मौसम संबंधी परिस्थितियों के अभाव' के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र के शेष हिस्सों में आगे नहीं बढ़ पाया है।
उत्तर बंगाल में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात
शुक्रवार (19 जून) तक जारी भारी रात भर की मानसूनी बारिश ने उत्तर बंगाल के बड़े हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कोलकाता और आसपास के दक्षिण बंगाल जिलों में कई क्षेत्र जलमग्न हो गए, जिससे प्रमुख सड़कों पर यातायात जाम हो गया। पड़ोसी भूटान और सिक्किम में भी मूसलाधार बारिश के कारण उत्तर बंगाल की नदियां, जिनमें तीस्ता और बालासन (महानंदा की प्रमुख सहायक नदी) शामिल हैं, खतरे के निशान के करीब बह रही हैं।
दार्जिलिंग पहाड़ियों में कई स्थानों पर भूस्खलन की सूचना है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग 110 के माध्यम से सिलीगुड़ी और पहाड़ी क्षेत्रों के बीच संपर्क कट गया है। IMD ने जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में अगले कुछ दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना के साथ रेड अलर्ट जारी किया है।
बालासन नदी पर अस्थायी पुल ढहा
शुक्रवार (19 जून) को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में बालासन नदी पर बने एक अस्थायी पुल का एक हिस्सा ढह गया, जिससे सिलीगुड़ी और मिरिक उपखंड के बीच वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। यह ह्यूम पाइप पुल अक्टूबर 2025 में ढहे डुडिया आयरन ब्रिज के विकल्प के रूप में बनाया गया था। एक अधिकारी ने बताया, 'डुडिया में अस्थायी ह्यूम पाइप पुल का एक हिस्सा लगातार बारिश के कारण नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि के बाद ढह गया।' वाहनों की आवाजाही पंखाबारी और कुर्सियांग होते हुए वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट कर दी गई है। दार्जिलिंग सांसद राजू बिष्ट ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।
कोलकाता हवाई अड्डे पर विमान पर बिजली गिरी
शुक्रवार को कोलकाता हवाई अड्डे पर एक इंडिगो विमान (6E6068, VT-IPW) पर तूफान के दौरान बिजली गिर गई। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के एक अधिकारी ने बताया कि घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई जब विमान एयरोब्रिज 56L पर खड़ा था। बिजली गिरने से विमान का पावर सिस्टम प्रभावित हुआ, जिससे 'अचानक पावर ऑफ' हो गया। विमान में 141 यात्री और 6 चालक दल के सदस्य सवार थे। एहतियात के तौर पर एयरलाइन ने यात्रियों को उतार दिया, जो बाद में A321 विमान (VT-ICD) से रवाना हुए। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
कर्नाटक में 35% कम बारिश, ऊटी में जल संकट
दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून को कर्नाटक पहुंचा, लेकिन राज्य में 1 से 18 जून के बीच सामान्य 109 मिमी के मुकाबले सिर्फ 71 मिमी बारिश दर्ज की गई। कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (KSNDMC) के अनुसार यह सामान्य से 35% कम है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 44 मिमी (सामान्य 48 मिमी, -6%), उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 53 मिमी (सामान्य 63 मिमी, -16%), मालनाड में 89 मिमी (सामान्य 178 मिमी, -50%) और तटीय क्षेत्रों में 191 मिमी (सामान्य 419 मिमी, -54%) बारिश हुई।
उधगमंडलम (ऊटी) नगर पालिका को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख जलाशय पार्सन्स वैली बांग केवल 38% भरा है, जबकि अन्य जलाशयों (मार्लिमुंड, टाइगर हिल, गोरिशोला, डोड्डाबेट्टा, कोडप्पमुंड, ओल्ड ऊटी, ग्लेनरॉक) का संयुक्त भंडारण क्षमता का मात्र 17% है। स्थानीय निवासियों को खराब पानी की गुणवत्ता की शिकायत है, जिससे उन्हें पीने और खाना पकाने के लिए दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
अन्य राज्यों में मानसून का हाल
तेलंगाना में एक सप्ताह पहले राहत भरी बारिश के बाद फिर से भीषण गर्मी पड़ रही है। कई जिलों में जून के तीसरे सप्ताह में भी हीटवेव की स्थिति है। IMD हैदराबाद के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी जीएनआरएस श्रीनिवास के अनुसार, 'मानसून का असामान्य रूप से धीमा चलना और व्यापक बादलों की कमी इसका कारण है।' मानसून 8 जून को तेलंगाना में दाखिल हुआ, लेकिन दस दिनों में भी केवल आधे राज्य पर ही इसका प्रभाव है।
गोवा सरकार ने कहा है कि राज्य में पीने के पानी का भंडार लगभग एक महीने तक चल सकता है। मानसून की बारिश में देरी के कारण जलाशयों का जलस्तर गिर गया है। राज्य जल आपूर्ति मंत्री सुभाष फाल देसाई ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है और सरकार पानी के संरक्षण के लिए सख्त निर्देश जारी करेगी।
पुडुचेरी में उप्पनार नाले के पास रहने वाले निवासियों ने पुल निर्माण के दौरान बाढ़ रोकथाम के उपायों की मांग की है। मई के पहले सप्ताह में हुई बारिश के कारण गौबर्ट नगर और कैनेडी नगर जैसे इलाकों में पानी घुस गया था।
FAQ
देश में अब तक कितनी कम बारिश हुई है?
4 से 18 जून 2026 के बीच देश में सामान्य से 41% कम बारिश दर्ज की गई है।
उत्तर बंगाल में क्या स्थिति है?
भारी बारिश से तीस्ता और बालासन नदियां खतरे के निशान के पास बह रही हैं, डुडिया में पुल टूट गया, और दार्जिलिंग पहाड़ियों में भूस्खलन हुआ है।
कर्नाटक में बारिश का क्या हाल है?
राज्य में 1 से 18 जून के बीच सामान्य से 35% कम बारिश हुई है, जिससे ऊटी में पेयजल संकट गहरा गया है।
क्या मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार अनुकूल बड़े पैमाने पर मौसम संबंधी परिस्थितियों के अभाव में मानसून महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में आगे नहीं बढ़ पाया है।