प्रमुख तथ्य
केरल के कोच्चि में चेरनाल्लूर पुलिस ने शुक्रवार (12 जून, 2026) को एक अंतरराज्यीय जॉब रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए सात प्रवासी मजदूरों को बचाया। ये मजदूर चेरनाल्लूर के मुंडियाथ रोड पर एक किराए के मकान में बंधक बनाए गए थे। पुलिस ने पश्चिम बंगाल निवासी अब्दुल रहीम को गिरफ्तार किया है, जबकि 11 अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
घटना का विवरण
अब्दुल रहीम, जो सिलीगुड़ी का रहने वाला है, को एर्नाकुलम जंक्शन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। पीड़ित हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और कर्नाटक के रहने वाले हैं और उनकी हालत काफी खराब थी।
रैकेट का तरीका
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ितों से कनाडा में प्रवासन का झांसा देकर ₹30 लाख प्रति व्यक्ति वसूले। सभी पीड़ितों की शिक्षा केवल स्कूल स्तर तक थी। उन्हें कोच्चि लाकर एक किराए के मकान में बंधक बना लिया गया। आरोपियों ने पीड़ितों से कनाडा के स्थानों की जीवंत फ्लेक्स बोर्ड के सामने वीडियो बनवाए ताकि उनके परिवारों को विश्वास हो सके कि वे कनाडा पहुंच गए हैं।
बचाव और जांच
पुलिस को एक पीड़ित के भागने के बाद सूचना मिली। आरोपियों ने खतरा भांपते हुए पीड़ितों से ली गई राशि लेकर फरार हो गए। पुलिस ने पीड़ितों के मोबाइल फोन और पासपोर्ट बरामद किए तथा रहीम से ₹1 लाख नकद जब्त किए। रहीम को शुक्रवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और संदेह है कि यह गिरोह अन्य राज्यों में भी इसी तरह की धोखाधड़ी में शामिल रहा होगा।
पुलिस टीम
यह बचाव अभियान और गिरफ्तारी इंस्पेक्टर जयशंकर के नेतृत्व में एर्नाकुलम सेंट्रल असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस प्रेमानंद कृष्णन के निर्देशन में की गई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस जॉब रैकेट में कितने लोग शामिल थे?
पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जबकि 11 अन्य फरार हैं।
पीड़ितों से कितनी राशि वसूली गई?
प्रत्येक पीड़ित से ₹30 लाख लिए गए थे।
पीड़ित किन राज्यों से हैं?
पीड़ित हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और कर्नाटक से हैं।
पुलिस को कैसे सुराग मिला?
एक पीड़ित के भागने के बाद पुलिस को सूचना मिली।
स्रोत: www.thehindu.com