Desh Duniya | आत्महत्या

बहरीन में प्रवासी महिला की मौत, पार्थिव शरीर गांव पहुंचा

प्रमुख तथ्य बहरीन में एक प्रवासी भारतीय महिला की मौत ने एक बार फिर खाड़ी देशों में काम कर रहे प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा को उजागर किया है। 26 वर्षीय पी. अंजम्मा, जो आंध्र प्रदेश…

प्रमुख तथ्य

बहरीन में एक प्रवासी भारतीय महिला की मौत ने एक बार फिर खाड़ी देशों में काम कर रहे प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा को उजागर किया है। 26 वर्षीय पी. अंजम्मा, जो आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के अचांटा मंडल के इसाकागरुवु गांव की निवासी थीं, ने कथित तौर पर 27 मई को बहरीन में आत्महत्या कर ली।

पूरी घटना का विवरण

पी. अंजम्मा जनवरी 2025 में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने के लिए बहरीन गई थीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने उसी घर में आत्महत्या कर ली जहां वे कार्यरत थीं। उनके पति पी. सुब्बा राव ने कोनसीमा सेंटर फॉर माइग्रेशन (KCM) से संपर्क किया, जिसके बाद संगठन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

शव वापसी और अंतिम संस्कार

KCM के नोडल अधिकारी और जिला राजस्व अधिकारी वी. सुब्बा राव ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “पी. अंजम्मा के पार्थिव शरीर को शुक्रवार को आंध्र प्रदेश नॉन-रेजिडेंट तेलुगु सोसाइटी (APNRT) के सहयोग से उनके पैतृक गांव लाया गया।” परिवार के सदस्यों ने उनका अंतिम संस्कार किया।

प्रभाव और सबक

यह घटना खाड़ी देशों में प्रवासी श्रमिकों, विशेषकर घरेलू कामगारों की सुरक्षा और कल्याण के बारे में गंभीर सवाल उठाती है। कई प्रवासी श्रमिक कठोर काम करने की स्थितियों, कम वेतन और सीमित कानूनी संरक्षण का सामना करते हैं। सरकारों और संगठनों को ऐसे मामलों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

  • प्रवासी श्रमिकों को विदेश जाने से पहले अपने रोजगार अनुबंधों की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए।
  • संकट की स्थिति में भारतीय दूतावास या स्थानीय प्रवासी सहायता संगठनों से संपर्क करें।
  • आंध्र प्रदेश में KCM जैसे संगठन प्रवासियों को कानूनी और अन्य सहायता प्रदान करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बहरीन में मृत प्रवासी महिला का नाम क्या है?

मृतका का नाम पी. अंजम्मा है, जो 26 वर्ष की थीं।

पी. अंजम्मा का पार्थिव शरीर कब और कैसे भारत लाया गया?

उनका शव शुक्रवार को एंध्र प्रदेश नॉन-रेजिडेंट तेलुगु सोसाइटी (APNRT) के सहयोग से उनके पैतृक गांव इसाकागरुवु लाया गया।

इस घटना में किस संगठन ने मदद की?

कोनसीमा सेंटर फॉर माइग्रेशन (KCM) और आंध्र प्रदेश नॉन-रेजिडेंट तेलुगु सोसाइटी (APNRT) ने शव वापस लाने में सहायता की।

स्रोत: www.thehindu.com

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