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Mgnrega के 20 साल बाद अब vb-g ram g: क्या गारंटी सिर्फ कागजों पर रह जाएगी?

परिचय: MGNREGA से VB-G RAM G तक का सफर 2006 में शुरू हुई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) ने ग्रामीण भारत में श्रमिकों को काम का कानूनी अधिकार दिया। अब 20 साल…

परिचय: MGNREGA से VB-G RAM G तक का सफर

2006 में शुरू हुई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) ने ग्रामीण भारत में श्रमिकों को काम का कानूनी अधिकार दिया। अब 20 साल बाद, केंद्र सरकार 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G लागू कर रही है। हालांकि, मजदूर संगठनों और विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव रोजगार गारंटी को कमजोर करेगा।

MGNREGA ने क्या दिया?

MGNREGA ने महिलाओं को पहली बार श्रमिक के रूप में मान्यता दी। बेलगावी की श्रीलक्ष्मी बताती हैं कि 2007 तक उन्हें ज्वार के खेतों में 40 रुपये प्रतिदिन मिलते थे, जबकि पुरुषों को 65 रुपये। MGNREGA ने समान वेतन और 15 दिनों के भीतर रोजगार की गारंटी दी। रायचूर की भारती संतोष कहती हैं, 'चार घंटे का काम और समान आय। हम बराबर महसूस करते थे।' पिछले पांच वर्षों में 58% से अधिक MGNREGA श्रमिक महिलाएं रही हैं।

VB-G RAM G में क्या बदल रहा है?

VB-G RAM G में मुख्य बदलाव यह है कि यह मांग-आधारित के बजाय आपूर्ति-आधारित मॉडल पर काम करेगा। यानी, काम की मांग के अनुसार नहीं, बल्कि केंद्र द्वारा तय कोटा के अनुसार ही रोजगार दिया जाएगा। राज्यों को 40% लागत वहन करनी होगी, जबकि MGNREGA में मजदूरी का पूरा भार केंद्र वहन करता था।

मजदूरों की चिंताएं

  • रोजगार की गारंटी खत्म: मजदूरों का कहना है कि अब काम तभी मिलेगा जब कोई परियोजना स्वीकृत हो और बजट हो। यह गारंटी नहीं रही।
  • 60 दिन का विराम: 'सीज़नल अलाइनमेंट विंडो' के तहत राज्य बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिनों तक काम रोक सकते हैं, जिससे मजदूरों को पलायन करना पड़ेगा।
  • बजट की सीमा: MGNREGA में मांग बढ़ने पर काम बढ़ता था, लेकिन अब एक निश्चित कोटा के बाद राज्यों को खुद फंड देना होगा।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

NREGA संघर्ष मोर्चा के राजेंद्रन नारायणन के अनुसार, MGNREGA ने एक वेतन तल (wage floor) बनाया था, जिससे निजी नियोक्ता मजदूरों को कम वेतन नहीं दे पाते थे। नई योजना से यह तल टूट जाएगा और बड़े जमींदारों को फायदा होगा। कर्नाटक सरकार ने भी 40% राज्य योगदान पर आपत्ति जताई है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

VB-G RAM G क्या है और यह MGNREGA से कैसे अलग है?

VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली नई योजना है। इसमें मांग-आधारित के बजाय आपूर्ति-आधारित मॉडल है, जिसमें केंद्र द्वारा तय कोटा के अनुसार ही काम दिया जाएगा। राज्यों को 40% लागत वहन करनी होगी।

क्या VB-G RAM G में मजदूरों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा?

हालांकि योजना में 125 दिनों का प्रावधान है, लेकिन मजदूरों का कहना है कि बजट की सीमा और राज्यों के योगदान पर निर्भरता के कारण यह गारंटी अधूरी रह सकती है। MGNREGA में भी औसतन 45 दिन ही काम मिलता था।

VB-G RAM G में 'सीज़नल अलाइनमेंट विंडो' क्या है?

यह एक 60 दिन की अवधि है जिसमें राज्य सरकारें बुवाई और कटाई के मौसम में सभी कार्यों को रोक सकती हैं। इस दौरान मजदूरों को कोई बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलेगा और उन्हें निजी श्रम बाजार में जाना होगा।

निष्कर्ष

MGNREGA ने ग्रामीण श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं को सशक्त बनाया और उन्हें सौदेबाजी की शक्ति दी। VB-G RAM G में बदलाव से यह लाभ खतरे में पड़ सकता है। मजदूरों की मांग है कि नई योजना को तुरंत रोका जाए और उनकी बात सुनी जाए। यह देखना होगा कि सरकार इन चिंताओं का समाधान करती है या नहीं।

स्रोत: www.thehindu.com

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