मुख्य तथ्य
केरल के कोट्टायम जिले के वकाथानम स्थित मणिकंडापुरम श्री कृष्ण स्वामी मंदिर परिसर में दो मारिजुआना पौधे पाए गए हैं। यह खोज एक्साइज विभाग के चल रहे नशा विरोधी अभियान 'ऑपरेशन थंडर' के तहत की गई। मंदिर कर्मचारियों ने संदिग्ध पौधों को देखकर एक्साइज अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर पौधों को जब्त कर लिया।
घटना का विवरण
एक्साइज एन्फोर्समेंट और एंटी-नार्कोटिक स्पेशल स्क्वॉड के इंस्पेक्टर दर्शक आर के नेतृत्व में एक टीम ने मंदिर पहुंचकर पौधों को अपने कब्जे में लिया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों पौधों की ऊंचाई 15.5 सेंटीमीटर और 13 सेंटीमीटर थी। ये पौधे मंदिर के ढके हुए रास्ते के पास पाए गए।
प्रारंभिक जांच
प्रारंभिक जांच में संदेह जताया गया है कि ये पौधे मई में आयोजित मंदिर उत्सव के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा मारिजुआना के सेवन के बाद फेंके गए अवशेषों से उगे होंगे। उत्सव के दौरान प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं था, जिससे किसी ने मंदिर परिसर में ही मारिजुआना का सेवन किया और बचे हुए हिस्से को वहीं फेंक दिया।
ऑपरेशन थंडर
केरल एक्साइज विभाग और गृह विभाग ने राज्य में नशीले पदार्थों के उपयोग पर रोक लगाने के लिए 'ऑपरेशन थंडर' शुरू किया है। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शनिवार को कहा, "सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ एक कार्यक्रम शुरू किया है, और हम केरल को नशा मुक्त राज्य बनाना चाहते हैं। गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य, एक्साइज और शिक्षा विभागों की मदद से इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगा, जो नई पीढ़ी के लिए उपयोगी होगा।"
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
जब्त किए गए पौधों को आगे की जांच के लिए हिरासत में ले लिया गया है। यह घटना मंदिरों जैसे पवित्र स्थानों में भी नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। एक्साइज विभाग इस मामले में गहन जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- यह घटना केरल के कोट्टायम जिले के वकाथानम में हुई है।
- मंदिर कर्मचारियों की सतर्कता से यह खोज संभव हुई।
- ऑपरेशन थंडर के तहत राज्य भर में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मंदिर परिसर में मारिजुआना के पौधे कैसे पहुंचे?
प्रारंभिक जांच में संदेह है कि मई में हुए मंदिर उत्सव के दौरान किसी व्यक्ति ने मारिजुआना का सेवन किया और बचे हुए अवशेषों को परिसर में फेंक दिया, जिससे पौधे उग आए।
पौधों की ऊंचाई कितनी थी?
दोनों पौधों की ऊंचाई क्रमशः 15.5 सेंटीमीटर और 13 सेंटीमीटर मापी गई।
ऑपरेशन थंडर क्या है?
यह केरल एक्साइज विभाग और गृह विभाग द्वारा राज्य में नशीले पदार्थों के उपयोग पर रोक लगाने के लिए शुरू किया गया एक अभियान है।
स्रोत: www.ndtv.com