प्रमुख तथ्य
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने मणिपुर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के साथ एक समन्वित अभियान में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां शुक्रवार, 19 जून 2026 को की गईं। आरोपियों पर मणिपुर में जातीय हिंसा के दौरान विभिन्न घटनाओं में शामिल होने का आरोप है।
गिरफ्तारी का विवरण
NIA के अनुसार, आरोपियों को इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, बिश्नुपुर, चुराचांदपुर, उखरुल, चंदेल और फेरज़ॉल जिलों में कई स्थानों पर छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि ये आरोपी सुरक्षा बलों पर हमले, हथियारों की लूट और बैंक डकैती जैसी घटनाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
जांच के निहितार्थ
NIA को उम्मीद है कि इन गिरफ्तारियों से हिंसा की योजना, निष्पादन और समर्थन नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। एजेंसी विभिन्न घटनाओं के बीच संभावित संबंधों और साजिश में शामिल व्यक्तियों व समूहों की भी जांच कर रही है। NIA ने इस अभियान को राज्य में शांति, सुरक्षा और सामान्य स्थिति बहाल करने के सरकारी प्रयासों का समर्थन करने वाला एक बड़ा कदम बताया।
पृष्ठभूमि: मणिपुर में जातीय हिंसा
मणिपुर में जातीय संघर्ष मई 2023 में शुरू हुआ था। तब से लेकर अब तक 270 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 62,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। यह हिंसा मुख्य रूप से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच है।
FAQ
NIA ने मणिपुर में कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
NIA ने मणिपुर पुलिस और CRPF के साथ मिलकर 10 लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों पर क्या आरोप हैं?
आरोपियों पर सुरक्षा बलों पर हमला, हथियार लूट और बैंक डकैती में शामिल होने के आरोप हैं।
मणिपुर में जातीय हिंसा कब शुरू हुई?
मणिपुर में जातीय हिंसा मई 2023 में शुरू हुई थी।
स्रोत: www.thehindu.com