मंडी में बारिश का कहर: खड्डों का जलस्तर बढ़ा
मंडी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण राणा, नेरी और मच्छयाल खड्ड का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से एहतियाती कदम उठाते हुए नदी-नालों के किनारे बनी अस्थायी झुग्गियों को हटाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही ब्यास और बिनवा नदी के आसपास लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
प्रशासन की तैयारियां
जोगिंद्रनगर के एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि बरसात में आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों की टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस और दमकल विभाग अलर्ट पर हैं। संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं और लोगों व पर्यटकों से जलधाराओं से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
राहत एजेंसियां अलर्ट
आपदा की स्थिति में त्वरित सूचना के लिए 60 से अधिक पटवारियों और कानूनगो को अलर्ट किया गया है। राहत-बचाव कार्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। पुलिस, अग्निशमन और अन्य विभागों की टीमें 24 घंटे सतर्क रहेंगी। भूस्खलन की निगरानी कंट्रोल रूम और आधुनिक उपकरणों से की जाएगी।
यातायात और वैकल्पिक मार्ग
मंडी-पठानकोट हाईवे पर भूस्खलन की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रभावित मार्गों को बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग की मशीनरी तैयार रखी गई है।
जनता से अपील
प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी प्रशासनिक अधिकारी को सूचित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मंडी में किन खड्डों का जलस्तर बढ़ा है?
राणा, नेरी और मच्छयाल खड्ड का जलस्तर बढ़ा है।
प्रशासन ने क्या एहतियाती कदम उठाए हैं?
अस्थायी झुग्गियां हटाने, ब्यास और बिनवा नदी किनारे आवाजाही रोकने, चेतावनी बोर्ड लगाने और पटवारियों को अलर्ट किया गया है।
बचाव के लिए कौन सी टीमें तैनात हैं?
पुलिस, अग्निशमन, लोक निर्माण विभाग और राहत एजेंसियों की टीमें 24 घंटे तैनात हैं।
मंडी-पठानकोट हाईवे पर क्या व्यवस्था है?
भूस्खलन की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया जाएगा और लोक निर्माण विभाग की मशीनरी तैयार रखी गई है।