मुख्य बातें
मंडी जिले में उद्यान विभाग ने मानसून सीजन 2026-27 के लिए 18,900 फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। बागवानों से मांग प्राप्त हो चुकी है और विभागीय नर्सरियों में 11,983 पौधों का स्टॉक तैयार है। सबसे अधिक मांग सिट्रस (नींबू वर्गीय) फलों की है, जबकि सुंदरनगर ब्लॉक सबसे आगे है।
विस्तृत जानकारी
उद्यान विभाग मंडी के उप निदेशक डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि मानसून अभियान के तहत बागवानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इस बार बागवानों का रुझान पारंपरिक खेती के बजाय अधिक मुनाफे वाली आधुनिक किस्मों की ओर है।
फलवार मांग और उपलब्धता
- सिट्रस: मांग 9,220, उपलब्ध 6,535
- लीची: मांग 3,700, उपलब्ध 3,898
- आम (दशहरी, लंगड़ा, अमरपाली, मल्लिका): मांग 1,970, उपलब्ध 1,970
- अमरूद: मांग 1,550, उपलब्ध 1,550
- आंवला: मांग 480, उपलब्ध 480
- चीकू (सपोटा): मांग 300, उपलब्ध 300
- पपीता: मांग 170, उपलब्ध 170
ब्लॉकवार मांग
- सुंदरनगर: 5,150 पौधे
- चौंतड़ा: 4,200 पौधे
- करसोग: 1,900 पौधे
- धर्मपुर: 1,700 पौधे
- गोपालपुर: 1,600 पौधे
- बल्ह: 1,550 पौधे
- सदर: 1,200 पौधे
- द्रंग: 750 पौधे
- गोहर: 550 पौधे
- बालीचौकी: 300 पौधे
प्रभाव और बागवानों के लिए सुझाव
इस अभियान से जिले में फल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और बागवानों की आय में वृद्धि होगी। विभाग ने बागवानों को सलाह दी है कि वे मानसून के दौरान पौधरोपण के लिए उचित तकनीक अपनाएं और नियमित देखभाल सुनिश्चित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मंडी जिले में मानसून 2026-27 में कितने फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य है?
18,900 फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
किस ब्लॉक में सबसे अधिक पौधे रोपे जाएंगे?
सुंदरनगर ब्लॉक में 5,150 पौधों के साथ सबसे अधिक पौधे रोपे जाएंगे।
बागवानों की किस फल की किस्म में सबसे अधिक रुचि है?
सिट्रस (नींबू वर्गीय) फलों की 9,220 पौधों की मांग सबसे अधिक है।
उद्यान विभाग के अनुसार कितने पौधे तैयार हैं?
विभागीय नर्सरियों में 11,983 पौधे तैयार हैं।