पांच माह बाद राहत
क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में करीब पांच माह से बीपी की दवा की कमी झेल रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। बुधवार को अस्पताल की फार्मेसी में दवा की नई खेप पहुंच गई, जिसके बाद मरीजों को अब निशुल्क दवा उपलब्ध हो सकेगी।
क्या थी समस्या?
पिछले पांच माह से अस्पताल में बीपी की दवा का स्टॉक खत्म था। चिकित्सकों द्वारा दवा लिखे जाने के बावजूद फार्मेसी में दवा नहीं होने से मरीजों को निजी मेडिकल स्टोरों से दवा खरीदनी पड़ रही थी। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया था और कई मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन के समक्ष इस समस्या को उठाया था।
दवा की आपूर्ति कैसे हुई?
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि आपूर्ति करने वाली कंपनी की ओर से ऑर्डर पूरा करने में देरी हुई थी। अब बीपी की दवाई अस्पताल को प्राप्त हो गई है और मरीज निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसे प्राप्त कर सकते हैं।
अब क्या होगा?
दवा की नई खेप पहुंचने के बाद अस्पताल प्रशासन ने फार्मेसी में वितरण शुरू कर दिया है। मरीज अब अपने इलाज के साथ-साथ निशुल्क दवा भी ले सकेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मंडी के क्षेत्रीय अस्पताल में बीपी की दवा की कमी कब से चल रही थी?
यह कमी करीब पांच माह से चल रही थी, जो बुधवार को नई खेप पहुंचने पर समाप्त हुई।
दवा की कमी के दौरान मरीजों को क्या परेशानी हुई?
मरीजों को निजी मेडिकल स्टोरों से दवा खरीदनी पड़ रही थी, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया था।
दवा की कमी का कारण क्या था?
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर के अनुसार, आपूर्ति करने वाली कंपनी ने ऑर्डर पूरा करने में देरी की।
अब मरीज दवा कैसे प्राप्त कर सकते हैं?
मरीज अस्पताल की फार्मेसी से निर्धारित प्रक्रिया के तहत निशुल्क दवा प्राप्त कर सकते हैं।
Source: www.amarujala.com