महाराष्ट्र सरकार ने लाडकी बहीण योजना के 92 लाख लाभार्थियों को किया बाहर
महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने लाडकी बहीण योजना के तहत 92 लाख अयोग्य लाभार्थियों को हटा दिया है। अब इस योजना के तहत 1.51 करोड़ महिलाएं ही पात्र रह गई हैं, जो पिछले 2.46 करोड़ से 37 प्रतिशत कम है। यह कदम तब उठाया गया है जब राज्य में कोई बड़ा चुनाव नहीं है और सरकार वित्तीय अनुशासन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
योजना की शुरुआत और राजनीतिक लाभ
जून 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा चुनावों से पहले महिला वोटरों को लुभाने के लिए इस योजना की घोषणा की थी। महाराष्ट्र के 9.5 करोड़ मतदाताओं में 4.6 करोड़ महिलाएं हैं, और 21-65 वर्ष आयु वर्ग की 2.46 करोड़ महिलाएं पात्र थीं। इस योजना ने महायुति को लोकसभा चुनाव में हार के बाद विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दिलाई।
वित्तीय चुनौती और कटौती
योजना के लिए शुरू में 46,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। अब लाभार्थियों की संख्या घटने के बाद वार्षिक खर्च 22,000 से 25,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसके अलावा, किसानों को मुफ्त बिजली (25,000 करोड़) और कर्ज माफी (36,585 करोड़) जैसी अन्य लोकलुभावन योजनाओं पर भी भारी खर्च हो रहा है। तीनों योजनाओं का कुल खर्च 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
अयोग्य लाभार्थियों की पहचान
हटाए गए 92 लाख लाभार्थियों में 29,000 पुरुष और 8,000 सरकारी कर्मचारी शामिल हैं, जिन्होंने दो साल तक अवैध रूप से लाभ उठाया। महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने कहा कि योजना के दायरे को देखते हुए सत्यापन मुश्किल था, और प्रशासन ने लाभार्थियों पर ही शर्तों का पालन करने की जिम्मेदारी छोड़ दी थी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इसे वित्तीय कुप्रबंधन करार दिया। शिवसेना (UBT) के संजय राउत ने कहा कि यह चुनावी वादों का धोखा है। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने योजना का बचाव करते हुए कहा कि इससे महिलाएं सशक्त हुईं।
आगे की रणनीति
भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर किसान कर्ज माफी और महिला किसानों के लिए कानून के बारे में बताने के निर्देश दिए हैं, ताकि लाडकी बहीण योजना में कटौती के कारण उत्पन्न असंतोष को कम किया जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लाडकी बहीण योजना क्या है?
यह महाराष्ट्र सरकार की एक योजना है जिसमें पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाते हैं।
योजना से कितने लाभार्थियों को हटाया गया?
92 लाख अयोग्य लाभार्थियों को हटाया गया, जिससे लाभार्थियों की संख्या 2.46 करोड़ से घटकर 1.51 करोड़ रह गई।
लाभार्थियों को हटाने का कारण क्या है?
सरकार ने पात्रता मानदंडों की जांच के बाद अयोग्य पाए गए लोगों को हटाया, जिनमें 29,000 पुरुष और 8,000 सरकारी कर्मचारी शामिल हैं।
क्या योजना जारी रहेगी?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि योजना जारी रहेगी, लेकिन वित्तीय बोझ कम करने के लिए पात्रता की समीक्षा की जा रही है।