मुख्य तथ्य
मदुरै जिला प्रशासन ने मंगलवार (16 जून, 2026) को 26 वर्षीय अकाश डेलिसन के शव का अंतिम संस्कार किया, जिनकी 8 मार्च को कथित तौर पर मनमदुरई पुलिस द्वारा हिरासत में यातना के कारण मृत्यु हो गई थी। परिवार के सदस्यों ने शव लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने अदालत के आदेश पर यह कदम उठाया।
विस्तृत जानकारी
अकाश डेलिसन का शव मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल के शवगृह से सुरक्षा के बीच थाथनेरी श्मशान घाट ले जाया गया। परिवार और उनके समर्थकों ने शव को ले जाने के प्रयास का विरोध किया और प्रदर्शन किया। अदालत ने अधिकारियों को शव के सम्मानजनक निपटान के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया था।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
परिवार ने कहा कि वे अदालत के आदेश के खिलाफ अपील करेंगे और अंतिम संस्कार के लिए और समय मांगा। हालांकि, अधिकारियों ने उन्हें बताया कि वे अदालत के निर्देश का पालन करेंगे। तनाव बढ़ने पर 14 लोगों को हिरासत में लिया गया, जो शव को ले जाने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। अकाश के माता-पिता, बहन और चाचा को थाथनेरी श्मशान घाट ले जाया गया, जहां शव का अंतिम संस्कार किया गया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह घटना पुलिस हिरासत में यातना और मौत के मुद्दे को उजागर करती है, जो न्यायिक प्रक्रिया और मानवाधिकारों से जुड़ी है। परिवार ने न्याय की मांग की है और मामले की निगरानी जारी है।
FAQ
- अकाश डेलिसन की मौत कैसे हुई? अकाश डेलिसन की मौत 8 मार्च को हुई थी, जिसे मनमदुरई पुलिस द्वारा हिरासत में यातना देने का आरोप लगाया गया था।
- परिवार ने अंतिम संस्कार का विरोध क्यों किया? परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में यातना के कारण मौत हुई, इसलिए वे न्याय चाहते थे और अंतिम संस्कार में देरी चाहते थे।
- अंतिम संस्कार कहाँ हुआ? अंतिम संस्कार मदुरै के थाथनेरी श्मशान घाट पर किया गया।
स्रोत: www.thehindu.com