मुख्य तथ्य
मद्रास हाईकोर्ट में सोमवार को महाधिवक्ता विजय नारायण ने आश्वासन दिया कि टीवीके सरकार चार पूर्व AIADMK विधायकों के खिलाफ अयोग्यता कार्यवाही को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाएगी। यह मामला मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अर्विंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान आया।
विस्तृत जानकारी
महाधिवक्ता ने कहा कि AIADMK नेताओं ने शुरू में स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर को 25 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया था, जिन्होंने 13 मई 2026 को पार्टी व्हिप के खिलाफ टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था। बाद में AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने 21 विधायकों के कृत्य को माफ कर दिया, जिससे उनके खिलाफ कार्यवाही रोक दी गई। शेष चार विधायकों - एस. जयकुमार, पी. सत्यभामा, मारगथम कुमारवेल और एसाकी सुबया - ने स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया और टीवीके में शामिल हो गए।
स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले (श्रीमंत बालासाहेब पाटिल बनाम कर्नाटक के माननीय स्पीकर) का हवाला देते हुए इस्तीफे स्वीकार कर लिए, जिसमें कहा गया था कि यदि इस्तीफा वास्तविक और स्वैच्छिक हो तो स्पीकर इसे स्वीकार करने के लिए बाध्य है। महाधिवक्ता ने कहा कि सभी चार विधायक स्पीकर के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और उनके इस्तीफे वास्तविक थे।
हालांकि, स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट के उसी फैसले के अनुसार, जिसमें कहा गया था कि इस्तीफा देने के बाद भी अयोग्यता कार्यवाही जारी रह सकती है, चारों पूर्व विधायकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। महाधिवक्ता ने अदालत को आश्वासन दिया कि प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाएगा और स्पीकर प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुसार आदेश पारित करेंगे।
प्रभाव और आगे की सुनवाई
यह मामला देसिया मक्कल सक्ती काची द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें इस्तीफों की स्वीकृति से संबंधित राजपत्र अधिसूचना को रद्द करने की मांग की गई थी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 जून 2026 तक स्थगित कर दी। इस बीच, AIADMK व्हिप एग्री एस.एस. कृष्णमूर्ति के वकील एस.आर. राजगोपाल ने इस्तीफों की स्वीकृति के खिलाफ एक रिट याचिका दायर की और चार निर्वाचन क्षेत्रों - पेरुंडुरै, मदुरंतकम, धारापुरम और अम्बासमुद्रम - में उपचुनाव न कराने का अंतरिम आदेश मांगा। साथ ही, तिरुचेंदुर के वकील बी. रामकुमार अदित्यन ने चार विधायकों के इस्तीफे और टीवीके में शामिल होने की परिस्थितियों की सीबीआई जांच की मांग करते हुए एक और रिट याचिका दायर की।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- चार पूर्व AIADMK विधायकों के खिलाफ अयोग्यता कार्यवाही जारी रहेगी।
- स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार इस्तीफे स्वीकार किए, लेकिन अयोग्यता की कार्यवाही अलग से चलेगी।
- अदालत ने मामले की सुनवाई 17 जून तक स्थगित कर दी है, और उपचुनाव पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर भी विचार किया जाएगा।
FAQ
चार पूर्व AIADMK विधायक कौन हैं?
एस. जयकुमार, पी. सत्यभामा, मारगथम कुमारवेल और एसाकी सुबया।
अयोग्यता कार्यवाही क्यों शुरू की गई?
इन विधायकों ने पार्टी व्हिप के खिलाफ 13 मई 2026 को विधानसभा में टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था।
स्पीकर ने इस्तीफे क्यों स्वीकार किए?
सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के अनुसार, यदि इस्तीफा वास्तविक और स्वैच्छिक हो तो स्पीकर इसे स्वीकार करने के लिए बाध्य है।
स्रोत: www.thehindu.com