मुख्य तथ्य
कर्नाटक के कालाबुरागी में शुक्रवार को मदिगा समुदाय के विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कांग्रेस सरकार से वरिष्ठ नेता के.एच. मुनियप्पा को सामाजिक कल्याण मंत्री नियुक्त करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और नारों के साथ शहर में मार्च निकाला और अपनी मांग सरकार को सौंपी।
प्रदर्शन का विवरण
प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि श्री मुनियप्पा, जो सात बार सांसद और दो बार केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं, के पास सामाजिक कल्याण विभाग का नेतृत्व करने के लिए आवश्यक अनुभव और प्रशासनिक क्षमता है। संघ के नेताओं ने कहा कि मदिगा समुदाय, कर्नाटक में सबसे बड़ी अनुसूचित जातियों में से एक होने के बावजूद, कैबिनेट में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।
प्रभाव और चेतावनी
वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार अक्सर संविधान और बी.आर. अंबेडकर के आदर्शों पर आधारित समान प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की बात करती है, लेकिन ये सिद्धांत मंत्री पदों के आवंटन में प्रतिबिंबित होने चाहिए। संघ ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से श्री मुनियप्पा को सामाजिक कल्याण मंत्री नियुक्त करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग को अनदेखा किया गया तो समुदाय अपना आंदोलन तेज करेगा।
प्रदर्शन के नेता
प्रदर्शन का नेतृत्व मदारा चन्नय्या सेवा समिति के जिला अध्यक्ष दशरथ कालागुर्टी, बाबू जगजीवन राम विकास संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष मल्लिकार्जुन जिन्नकेरी, मदिगा डंडोरा के शहर अध्यक्ष राजू एस. कट्टीमनी, कर्नाटक राज्य मदिगा सोसाइटी के प्रभागीय अध्यक्ष चंद्रकांत नाटीकर और अन्य समुदाय के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया।
FAQ
मदिगा समुदाय क्यों विरोध प्रदर्शन कर रहा है?
मदिगा समुदाय कर्नाटक में अपने समुदाय से वरिष्ठ कांग्रेस नेता के.एच. मुनियप्पा को सामाजिक कल्याण मंत्री बनाने की मांग कर रहा है।
के.एच. मुनियप्पा कौन हैं?
के.एच. मुनियप्पा सात बार सांसद और दो बार केंद्रीय मंत्री रह चुके वरिष्ठ कांग्रेस नेता हैं।
प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
प्रदर्शन का नेतृत्व मदारा चन्नय्या सेवा समिति, बाबू जगजीवन राम विकास संघर्ष समिति, मदिगा डंडोरा और कर्नाटक राज्य मदिगा सोसाइटी के नेताओं ने किया।