मुख्य बिंदु
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार, 11 जुलाई 2026 को हुगली जिले के दानकुनी में लक्स कोज़ी के 600 करोड़ रुपये के गार्मेंट हब की आधारशिला रखी। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, यह संयंत्र एशिया के सबसे बड़े गार्मेंट मैन्युफैक्चरिंग हबों में से एक होगा।
मुख्यमंत्री का संबोधन
समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल जल्द ही विदेशी निवेश और उद्योगों को आकर्षित करेगा, जिससे राज्य का विकास होगा और युवा प्रतिभाओं को राज्य में बनाए रखा जा सकेगा। उन्होंने कहा, “आपको ‘डबल इंजन’ सरकार का लाभ मिलेगा। हमें बंगाल में जबरन वसूली और सिंडिकेट रैकेट को खत्म करना होगा। पिछले दो महीनों में हम काफी हद तक इस संस्कृति से बाहर निकलने में सफल रहे हैं।” उन्होंने कानून व्यवस्था सुनिश्चित करके और जबरन वसूली की संस्कृति को समाप्त करके बंगाल को व्यापार और उद्योग के अनुकूल क्षेत्र बनाने का वादा किया।
अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर मंत्री तपस रॉय, अर्जुन सिंह, डॉ. शारद्वत मुखर्जी और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य भी उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बयान
श्री भट्टाचार्य ने कहा, “बंगाल के सभी उद्योगपतियों की आदत है कि वे पहले पार्टी कार्यालय आते हैं और फिर व्यापार और विस्तार के बारे में बात करने नबन्ना (राज्य सचिवालय) जाते हैं। यह गलत है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पिछले 50 वर्षों से बंगाल में राजनीतिक दलों का शासन रहा है; यह हमेशा वामपंथी सरकार या तृणमूल सरकार रही है, लेकिन हम चाहते हैं कि यह संस्कृति बदले ताकि यह पश्चिम बंगाल सरकार बन जाए।” उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के पास आने वाले दिनों में औद्योगिक केंद्र बनने के लिए सभी सही संसाधन हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने से पहले वे राज्य से “उद्योगों की उड़ान” नहीं रोक सके, लेकिन अब वे औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बना रहे हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से पश्चिम बंगाल वापस आने का आग्रह किया।
लक्स इंडस्ट्रीज के चेयरमैन का वक्तव्य
लक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन अशोक टोडी ने कहा, “दानकुनी सुविधा न केवल हमारी उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करेगी, बल्कि सार्थक रोजगार सृजित करेगी, क्षेत्रीय औद्योगिक विकास में तेजी लाएगी और भारत के वैश्विक कपड़ा और परिधान विनिर्माण पावरहाउस के रूप में उभरने में योगदान देगी।”
परियोजना का विस्तार और रोजगार
विस्तार से मौजूदा सुविधा की 12 करोड़ पीस की वार्षिक क्षमता में अतिरिक्त 20 करोड़ पीस जुड़ जाएंगे, जिससे लक्स कोज़ी ग्रुप की देशव्यापी क्षमता लगभग 20 करोड़ से बढ़कर लगभग 36 करोड़ पीस प्रति वर्ष हो जाएगी। इस परियोजना से 3,000 प्रत्यक्ष और 6,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। यह स्वचालित सुविधा विनिर्माण को समेकित करेगी, क्षेत्रीय प्रसंस्करण बाधाओं को समाप्त करेगी और अपशिष्ट को कम करेगी।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- यह परियोजना पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के दानकुनी में स्थापित की जा रही है।
- इसकी कुल लागत 600 करोड़ रुपये है।
- एशिया के सबसे बड़े गार्मेंट हबों में से एक होगा।
- कुल 9,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
लक्स कोज़ी गार्मेंट हब कहाँ स्थापित किया जा रहा है?
यह हब पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के दानकुनी में बनाया जा रहा है।
इस परियोजना की लागत कितनी है?
इस परियोजना की लागत 600 करोड़ रुपये है।
इस संयंत्र से कितने रोजगार के अवसर पैदा होंगे?
इससे 3,000 प्रत्यक्ष और 6,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता कितनी होगी?
विस्तार के बाद कुल क्षमता 36 करोड़ पीस प्रति वर्ष हो जाएगी।