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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन: यात्रा समय हुआ 40 मिनट, देश का पहला ai-आधारित एक्सप्रेसवे

मुख्य तथ्य रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जुलाई 2026 को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। यह…

मुख्य तथ्य

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जुलाई 2026 को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। यह 63 किलोमीटर लंबा छह-लेन एक्सप्रेसवे दोनों शहरों के बीच यात्रा समय को दो घंटे से अधिक से घटाकर मात्र 40 मिनट कर देगा।

परियोजना का विवरण

इस परियोजना की नींव मार्च 2019 में रखी गई थी। दिसंबर 2020 में केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे-6 (NE-6) का दर्जा दिया, जिससे यह देश का पहला पूर्णतः AI-आधारित और आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणाली से सुसज्जित एक्सप्रेसवे बन गया।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने निर्माण में तेजी लाने के लिए परियोजना को दो पैकेजों में विभाजित किया। पहले पैकेज में लखनऊ के अमौसी और शहीद पथ क्षेत्रों को जोड़ने वाला लगभग 18 किलोमीटर का एलिवेटेड सेक्शन शामिल था। दूसरे पैकेज में नई जमीन पर विकसित लगभग 45 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड सेक्शन था, जो लखनऊ के 11 गांवों और उन्नाव के 31 गांवों से होकर गुजरता है।

अत्याधुनिक तकनीक

इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी विशेषता इसकी उन्नत तकनीक है। निर्माण के दौरान ऑटोमेटेड मशीन गाइडेंस सिस्टम का व्यापक उपयोग किया गया, जिसमें कंप्यूटर और उपग्रह तकनीक से संचालित मशीनों ने निर्माण की सटीकता, मजबूती और स्थायित्व को बढ़ाया। मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम के तहत कोई पारंपरिक टोल प्लाजा नहीं है; वाहन बिना रुके 120 किमी प्रति घंटे की गति से चल सकते हैं, और टोल शुल्क उन्नत FASTag और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) तकनीक के माध्यम से स्वचालित रूप से काट लिया जाता है।

सुरक्षा व्यवस्था

सुरक्षा के लिहाज से यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे आधुनिक सड़क गलियारों में से एक है। 63 किलोमीटर के खंड पर 80 से अधिक हाई-डेफिनिशन कैमरे, 16 वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम और स्पीड रडार लगाए गए हैं। यदि कोई वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक चलता है, तो नियंत्रण कक्ष से स्वचालित रूप से चालान जारी होगा।

प्रभाव और प्रतिक्रियाएं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कानपुर-लखनऊ राजमार्ग की मांग लंबे समय से लंबित थी, और इसके उद्घाटन से दोनों शहरों के बीच यातायात जाम की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो गया है। उन्होंने नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया और कहा कि जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत इसे मंजूरी दे दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप, आज 'नया उत्तर प्रदेश' उत्कृष्ट सुरक्षा और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ सुशासन का एक उत्कृष्ट मॉडल बन गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई कितनी है?

यह एक्सप्रेसवे 63 किलोमीटर लंबा है।

इस एक्सप्रेसवे पर यात्रा का समय कितना होगा?

पहले दो घंटे से अधिक लगने वाली यात्रा अब केवल 40 मिनट में पूरी हो जाएगी।

इस एक्सप्रेसवे की खास विशेषताएं क्या हैं?

यह देश का पहला AI-आधारित और मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम वाला एक्सप्रेसवे है, जिसमें 80 से अधिक HD कैमरे और स्पीड रडार लगे हैं।

इस परियोजना की लागत कितनी है?

इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 4,500 करोड़ रुपये है।

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