लखनऊ अग्निकांड: जांच टीम ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार (22 जून, 2026) को हुए भीषण अग्निकांड की जांच के लिए गठित दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार (23 जून, 2026) को घटनास्थल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उत्तर प्रदेश फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी साइट से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए।
इस अग्निकांड में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकतर छात्र थे, और पांच अन्य घायल हुए। आग तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी थी, जिसमें एक ग्राफिक्स एनिमेशन सेंटर, एक पालतू जानवरों की दुकान और एक पुस्तकालय था।
SIT और FSL की कार्रवाई
SIT के सदस्य अमृत अभिजात (अपर मुख्य सचिव, पर्यटन और संस्कृति विभाग) और प्रवीण कुमार (अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन) सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने एक घंटे से अधिक समय तक पूरी इमारत का बारीकी से निरीक्षण किया।
श्री अभिजात ने कहा, “साइट की विभिन्न कोणों से तस्वीरें ली गईं और जांच में तेजी लाने के लिए सबूत एकत्र किए जा रहे हैं। आग की घटना से जुड़े व्यक्तियों और विभागों से भी पूछताछ की जाएगी। जांच के सभी चरण पूरे होने के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।”
प्रवीण कुमार ने कहा, “टीम ने साइट का सूक्ष्म निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने सभी महत्वपूर्ण सबूत जुटाए, जिसके आधार पर कई लोगों से पूछताछ की जाएगी।” उन्होंने बताया कि घटना से जुड़े हर विभाग की जिम्मेदारी को जांच के दायरे में लाया गया है और पीड़ितों से भी जानकारी ली जाएगी। रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा में सरकार को सौंपी जाएगी।
FSL निदेशक आदर्श कुमार और उनकी टीम ने मलबा, जले हुए उपकरण, बिजली के तार और अन्य नमूने एकत्र किए। इस बीच, चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
कांग्रेस का आरोप: सरकार की लापरवाही
उत्तर प्रदेश कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस घटना की पूरी जिम्मेदारी ले। उन्होंने कहा, “लखनऊ अग्निकांड सरकार और प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम है। इमारत के खिलाफ पहले ही विध्वंस आदेश जारी किया जा चुका था। बिजली का लोड विभाग द्वारा दिए गए कनेक्शन की क्षमता से कहीं अधिक था, फिर भी इसे ठीक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।”
श्री राय ने आगे कहा, “जब शॉर्ट सर्किट हुआ, तो बायोमेट्रिक लॉक वाला दरवाजा जाम हो गया। बच्चों ने इसे खोलने की कोशिश की और दरवाजा पीटा, लेकिन वह नहीं खुला, जिससे दम घुटने और जलने से उनकी असमय मौत हो गई। सरकार इस घटना की पूरी जिम्मेदारी ले। मैं उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता हूं जिनकी लापरवाही के कारण विध्वंस आदेश लागू नहीं हो सका। उन पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा चलाया जाना चाहिए। अब और बहाने या जिम्मेदारी टालने की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।”
पीड़ितों से मुलाकात और आगे की जांच
SIT के सदस्यों ने घटनास्थल छोड़ने के बाद किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की। जांच टीम ने पीड़ितों से घटना के बारे में जानकारी ली।
यह घटना लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुई, जब तीन मंजिला इमारत में आग लग गई। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मृतकों में अधिकतर छात्र थे जो ग्राफिक्स एनिमेशन सेंटर और पुस्तकालय में थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- लखनऊ अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई? इस घटना में 15 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकतर छात्र थे, और पांच अन्य घायल हुए।
- SIT का गठन क्यों किया गया? SIT का गठन अग्निकांड की जांच के लिए किया गया, जिसमें दो सदस्य हैं - अमृत अभिजात और प्रवीण कुमार।
- क्या कोई गिरफ्तारी हुई है? हां, चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
- कांग्रेस ने इस घटना पर क्या कहा? यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
स्रोत: www.thehindu.com