मुख्य तथ्य
कर्नाटक के कालाबुरगी में लोकायुक्त की एक बड़ी कार्रवाई में रिटायर्ड पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (पीडब्ल्यूडी) इंजीनियर मणिक कनकट्टी के बैंक लॉकर से 9 लाख रुपये के विमुद्रीकृत नोट और 200 ग्राम से अधिक सोने के गहने बरामद हुए हैं। यह छापेमारी मंगलवार और बुधवार को की गई।
पूरी घटना
लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को कालाबुरगी के गोदुताई नगर में श्री कनकट्टी के आवास और अन्य स्थानों पर तलाशी ली। इसके बाद बुधवार को एन.वी. कॉलेज के पास स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) शाखा में उनके लॉकर की जांच की गई।
लॉकर के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को 2016 के विमुद्रीकरण के बाद से रखे गए 1000 रुपये के नोटों की कई गड्डियां मिलीं। इसके अलावा, टीम को 20 तोले (लगभग 233 ग्राम) से अधिक वजन के सोने के विभिन्न आभूषण, जिनमें अंगूठियां और अन्य जेवर शामिल हैं, भी बरामद हुए।
जब्ती और जांच
बरामद नकदी और सोने के गहनों को जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई लोकायुक्त के पुलिस अधीक्षक सिद्दराजू सी. के निर्देशन में की गई। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक बसवराज, पुलिस निरीक्षक अरुण कुमार राजशेखर बडादेसर और अन्य लोकायुक्त कर्मी मौजूद थे।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
यह मामला भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी की सक्रियता को दर्शाता है। लोकायुक्त द्वारा आय से अधिक संपत्ति की जांच जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ये नोट और सोना क्यों रखे गए थे, लेकिन विमुद्रीकृत मुद्रा का कब्जा संदिग्ध है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- लोकायुक्त भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई कर रही है।
- विमुद्रीकृत नोटों का लेन-देन अवैध है।
- सरकारी अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लोकायुक्त ने कहाँ छापेमारी की?
कर्नाटक के कालाबुरगी जिले में गोदुताई नगर स्थित रिटायर्ड इंजीनियर मणिक कनकट्टी के आवास और अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई।
लॉकर से क्या बरामद हुआ?
एसबीआई शाखा के लॉकर से 9 लाख रुपये के विमुद्रीकृत 1000 रुपये के नोट और 200 ग्राम से अधिक सोने के गहने बरामद हुए।
यह छापेमारी कब हुई?
मंगलवार को आवास पर और बुधवार को बैंक लॉकर की तलाशी ली गई।
स्रोत: www.thehindu.com