मुख्यमंत्री ने किया ऐलान
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार (12 जून, 2026) को कावेरी डेल्टा जिलों और राज्य के अन्य क्षेत्रों में धान की खेती के लिए कुरुवाई विशेष पैकेज की घोषणा की। इस पैकेज पर ₹134.83 करोड़ का खर्च आएगा।
क्या है कुरुवाई सीजन?
कुरुवाई तमिलनाडु में धान की एक प्रमुख फसल है, जो आमतौर पर जून-जुलाई में बोई जाती है। राज्य भर में 52.72 लाख एकड़ में धान की खेती होती है। कावेरी डेल्टा क्षेत्र (थंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, और कुड्डालोर, तिरुचि, अरियालुर के कुछ हिस्से) में 20.65 लाख एकड़ में धान उगाया जाता है, जिसमें से औसतन 5.14 लाख एकड़ कुरुवाई सीजन में होता है। अन्य जिलों में 32.07 लाख एकड़ में धान की खेती होती है, जिसमें से 5.48 लाख एकड़ कर, कुरुवाई और सोरनावरी सीजन में शामिल होता है।
एल नीनो का असर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि एल नीनो प्रभाव के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश हो सकती है। मानसून में देरी के कारण मेट्टूर बांध में जल स्तर कम है—वर्तमान में केवल 79.56 फीट (41.52 टीएमसी फीट भंडारण) है, और 12 जून को बांध खोलने की कोई संभावना नहीं है। इससे डेल्टा जिलों में सामान्य 5 लाख एकड़ में धान की खेती मुश्किल हो गई है। हालांकि, फिल्टर पॉइंट्स के माध्यम से 3.55 लाख एकड़ में खेती संभव है।
पैकेज का विवरण
इस पैकेज के तहत डेल्टा क्षेत्रों के लिए ₹77.5 करोड़ और अन्य जिलों के लिए ₹57.33 करोड़ आवंटित किए गए हैं। योजना का उद्देश्य मशीनीकरण को बढ़ावा देना, जल प्रबंधन में सुधार करना, किसानों की आय बढ़ाना और राज्य की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।
अन्य प्रावधान
- कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा डेल्टा जिलों में 2,325 किमी सी और डी नहरों की सफाई ₹10 करोड़ की लागत से पूरी की गई है।
- जल संसाधन विभाग द्वारा 4,971 किमी ए और बी नहरों की सफाई ₹100 करोड़ की लागत से की जा रही है, जिसका 97% काम पूरा हो चुका है।
- कुरुवाई खेती के लिए 10,714 मीट्रिक टन धान के बीज और 4.02 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया है।
- किसानों को 18 घंटे निर्बाध तीन-फेज बिजली आपूर्ति प्रदान की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
कुरुवाई स्पेशल पैकेज क्या है?
यह तमिलनाडु सरकार द्वारा कावेरी डेल्टा और अन्य जिलों में धान की खेती को बढ़ावा देने के लिए ₹134.83 करोड़ का विशेष पैकेज है।
इस पैकेज से किन जिलों को लाभ होगा?
थंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, कुड्डालोर, तिरुचि और अरियालुर जिलों को लाभ होगा।
पैकेज के तहत क्या प्रावधान हैं?
मशीनीकरण को बढ़ावा, जल प्रबंधन में सुधार, नहरों की सफाई, बीज और उर्वरकों का भंडारण, और 18 घंटे तीन-फेज बिजली आपूर्ति शामिल है।
यह पैकेज क्यों जरूरी है?
IMD ने एल नीनो के कारण कम बारिश का अनुमान जताया है और मेट्टूर बांध में जलस्तर कम है, जिससे धान की खेती प्रभावित हो सकती है।