कुंभकोणम स्कूल आग त्रासदी से बची बालिका ने TNPSC परीक्षा में पाया 15वां स्थान
कुंभकोणम के करुप्पुर निवासी एस.एस. जेनिफर, जो 2004 में हुई स्कूल आग त्रासदी में बाल-बाल बची थीं, ने हाल ही में तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (TNPSC) की ग्रुप-I परीक्षा में 15वां स्थान प्राप्त कर सुर्खियां बटोरी हैं।
प्रमुख तथ्य
- 30 वर्षीय जेनिफर ने 16 जून 2026 को चेन्नई में आयोजित काउंसलिंग में ग्रामीण विकास विभाग में सहायक निदेशक (पंचायत) पद का चयन किया।
- उनके पिता संथाना सेल्वम सेवानिवृत्त पशु चिकित्सा निरीक्षक हैं और माता सुजाता एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं।
- जेनिफर ने लगभग 10 वर्षों की तैयारी और कई असफलताओं के बाद यह सफलता हासिल की है।
त्रासदी और प्रेरणा
16 जुलाई 2004 को कुंभकोणम के कृष्णा इंग्लिश मीडियम स्कूल में लगी आग में 94 बच्चों की मौत हो गई थी। तब नौ वर्षीय जेनिफर चौथी कक्षा में पढ़ती थीं और अपने भाई अर्जुन के साथ सुरक्षित बच निकलीं। इस घटना ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। त्रासदी के बाद तत्कालीन तंजावुर कलेक्टर के राहत कार्यों को देखकर उनमें सिविल सेवक बनने की इच्छा जागृत हुई।
संघर्ष और सफलता
जेनिफर ने प्लस टू में 1094 अंक प्राप्त किए और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा भी दी, लेकिन सफल नहीं हो सकीं। अंततः उन्होंने TNPSC परीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा, "निराशा और असफलता के दिनों ने मेरे धैर्य की परीक्षा ली, लेकिन मेरी मां, पिता और दोस्तों के निरंतर प्रोत्साहन ने मुझे यह सफलता दिलाई।"
भविष्य की योजनाएं
जेनिफर का कहना है कि आग की त्रासदी आज भी उन्हें परेशान करती है। वह चाहती हैं कि राज्य में कोई भी स्कूल खराब सुरक्षा मानकों के कारण आग की घटना का शिकार न हो। वह अपना करियर ग्रामीण क्षेत्रों में मॉडल स्कूल भवन बनाने के लिए समर्पित करना चाहती हैं, जहां बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एस.एस. जेनिफर कौन हैं?
एस.एस. जेनिफर 30 वर्षीया महिला हैं जो 2004 की कुंभकोणम स्कूल आग से बच गई थीं और हाल ही में TNPSC ग्रुप-I परीक्षा में 15वां स्थान प्राप्त किया।
जेनिफर को सिविल सेवक बनने की प्रेरणा कहां से मिली?
आग त्रासदी के बाद तत्कालीन तंजावुर कलेक्टर के राहत कार्यों ने उन्हें प्रेरित किया और वह ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती हैं।
जेनिफर की भविष्य की योजनाएं क्या हैं?
वह अपना करियर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित मॉडल स्कूल भवन बनाने के लिए समर्पित करना चाहती हैं ताकि आग की घटनाओं को रोका जा सके।
स्रोत: www.thehindu.com