देव तराली नाग का रघुपुर दौरा संपन्न
कुल्लू जिले के प्रसिद्ध देवता तराली नाग रघुपुर क्षेत्र के दौरे के बाद अपने देवालय में विराजमान हो गए हैं। देवता का तराला गांव पहुंचने पर महिलाओं ने धूपबत्ती के साथ भव्य स्वागत किया। यह दौरा कई दिनों तक चला, जिसमें देवता ने विभिन्न गांवों का भ्रमण कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
दौरे का विवरण
देवता का दौरा फनौटी गांव से शुरू हुआ। इसके बाद वे बनाला, लोट होते हुए खुडीजल के देहुरी मंदिर पहुंचे। वहां से ढोल-नगाड़ों की थाप पर देवता शवाड़ के शेहुल और कटाहर गांव भी गए। श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नत पूरी होने पर देवता को अपने घरों में देवभोज के लिए आमंत्रित किया था।
श्रद्धालुओं का उत्साह
देवलू महेंद्र सिंह कायथ और बेली राम ने बताया कि देवता दो दिन पहले ही रघुपुर दौरे से लौटकर मंदिर पहुंच गए थे। उन्होंने कहा, 'रघुपुर क्षेत्र का दौरा सफल रहा और जगह-जगह देवता का भव्य स्वागत हुआ।' दौरे के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन कर सुख-शांति का आशीर्वाद लिया।
धार्मिक महत्व
देव तराली नाग को कुल्लू घाटी में विशेष स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि देवता के दौरे से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देवता के आशीर्वाद से फसल अच्छी होती है और बीमारियां दूर रहती हैं।
FAQ
देव तराली नाग कहाँ विराजमान हैं?
देव तराली नाग कुल्लू जिले के तराला गांव स्थित अपने देवालय में विराजमान हैं।
रघुपुर दौरे में देवता ने किन गांवों का भ्रमण किया?
देवता ने फनौटी, बनाला, लोट, खुडीजल, देहुरी मंदिर, शवाड़ के शेहुल और कटाहर गांवों का भ्रमण किया।
देवता के दौरे का उद्देश्य क्या था?
देवता ने रघुपुर क्षेत्र के गांवों में जाकर हजारों लोगों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद दिया।