एंटी चिट्टा वॉक: युवाओं का नशा मुक्ति संकल्प
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में मंगलवार को एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। जलोड़ी दर्रा से रघुपुरगढ़ तक आयोजित एंटी चिट्टा वॉक में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया और नशे के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित की। इस वॉक का नेतृत्व स्थानीय विधायक लोकेंद्र कुमार ने किया।
कहां और कैसे हुआ आयोजन?
यह वॉक समुद्र तल से 10,280 फीट ऊंचे जलोड़ी दर्रा से शुरू हुई। यहां से युवाओं ने तीन किलोमीटर लंबे ट्रैक को पार करते हुए 11,500 फीट ऊंचे रघुपुरगढ़ तक का सफर तय किया। पूरे रास्ते में प्रतिभागियों ने कदम से कदम मिलाकर नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
विधायक लोकेंद्र कुमार का संदेश
विधायक लोकेंद्र कुमार ने इस मौके पर कहा, “चिट्टा नहीं, चरित्र चुनेंगे, नशा नहीं, भविष्य चुनेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “हम अपने गांव, अपने समाज और अपनी आने वाली पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में नहीं जाने देंगे।” उन्होंने युवाओं और आम लोगों से चिट्टा के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
युवाओं की भागीदारी और समाज पर प्रभाव
इस वॉक में भाजपा के महामंत्री सुरेंद्र ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। युवाओं ने संकल्प लिया कि वे नशे से दूर रहेंगे और समाज में जागरूकता फैलाएंगे। विधायक ने कहा, “जहां हर युवा की पहचान उसके सपनों, मेहनत और संस्कारों से होगी, नशे से नहीं।”
नशा मुक्ति के लिए जनजागरण
इस आयोजन का उद्देश्य केवल एक वॉक तक सीमित नहीं था, बल्कि यह नशे के खिलाफ एक व्यापक जनजागरण का हिस्सा था। प्रतिभागियों ने पूरे रास्ते नारे लगाए और लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
एंटी चिट्टा वॉक का आयोजन कहां हुआ?
यह वॉक कुल्लू जिले के जलोड़ी दर्रा (10,280 फीट) से शुरू होकर रघुपुरगढ़ (11,500 फीट) तक आयोजित की गई।
इस वॉक का उद्देश्य क्या था?
युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देना और चिट्टा जैसे नशीले पदार्थों के खिलाफ जनजागरण फैलाना।
विधायक लोकेंद्र कुमार ने क्या संदेश दिया?
उन्होंने कहा कि युवा चिट्टा नहीं, चरित्र और नशा नहीं, भविष्य चुनेंगे। समाज को नशे से बचाने का संकल्प लिया।