प्रमुख तथ्य
शनिवार तड़के 2 बजे पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय बलों ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर छापा मारा। यह कार्रवाई उनके निजी सहायक सुमित रॉय को पकड़ने के लिए की गई, जो एक वित्तीय धोखाधड़ी मामले में वांछित है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रॉय का लोकेशन अभिषेक के कालीघाट स्थित आवास पर ट्रैक किया गया था।
विस्तृत घटनाक्रम
पुलिस टीम ने करीब 2 बजे अभिषेक के आवास पर दस्तक दी, लेकिन चार घंटे तक कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। तलाशी करीब 90 मिनट तक चली, जिसमें दूसरी मंजिल से लेकर छत तक की जांच की गई। हालांकि, पुलिस को कुछ भी बरामद नहीं हुआ और रिपोर्ट में 'निल' दर्ज किया गया।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को घटना की सूचना मिलते ही वे अपने भतीजे के आवास पर पहुंच गईं और तलाशी पूरी होने तक वहीं रुकी रहीं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
टीएमसी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'जीरो सीज़र, 100 प्रतिशत बदला। बीजेपी हर कोशिश कर रही है। डराने-धमकाने और पैसे से 2029 नहीं जीता जाएगा।' वहीं, सांसद सागरिका घोष ने कहा, 'कोई सबूत नहीं, कोई गलती नहीं, कुछ नहीं। सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध, डराना और मानसिक प्रताड़ना।'
दूसरी ओर, भाजपा ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि बल अपना काम कर रहे थे।
अभिषेक बनर्जी पर बढ़ती जांच
यह छापा अभिषेक बनर्जी के लिए मुसीबतों की एक कड़ी है। पिछले दिनों सीआईडी ने उन्हें जाली हस्ताक्षर मामले में पूछताछ की थी, जिसमें उन्हें 14 जून को फिर से पेश होना है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें सहयोग करने का निर्देश दिया है, लेकिन दो सप्ताह तक कोई जबरदस्ती कार्रवाई न करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा, 15 जून को उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष प्राथमिक स्कूल भर्ती अनियमितता मामले में पेश होना है। वहीं, 16 जून को सीआईडी के समक्ष एक अन्य टिप्पणी मामले में पेशी है।
पुलिस का रुख
पुलिस ने तलाशी के दौरान किसी सबूत या केस के बारे में विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, उन्हें कुछ बरामद नहीं हुआ और वे खाली हाथ लौट गए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- अभिषेक बनर्जी के घर छापा क्यों मारा गया? पुलिस उनके निजी सहायक सुमित रॉय की तलाश कर रही थी, जो एक वित्तीय धोखाधड़ी मामले में वांछित है। उसका लोकेशन अभिषेक के आवास पर ट्रैक किया गया था।
- तलाशी में क्या बरामद हुआ? पुलिस को तलाशी के दौरान कुछ भी बरामद नहीं हुआ। रिपोर्ट में 'निल' दर्ज किया गया।
- ममता बनर्जी कब मौके पर पहुंचीं? ममता बनर्जी रात में ही अपने भतीजे के कालीघाट स्थित आवास पर पहुंच गई थीं और तलाशी पूरी होने तक वहीं रुकी रहीं।
- टीएमसी ने इस छापे को क्या कहा? टीएमसी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की कार्रवाई बताया। पार्टी सांसदों ने इसे बीजेपी की साजिश करार दिया।