मुख्य तथ्य
केरल में UDF सरकार द्वारा UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के बढ़ते इस्तेमाल के खिलाफ 25 प्रमुख सांस्कृतिक और राजनीतिक हस्तियों ने मोर्चा खोल दिया है। इनमें कवि के. सच्चिदानंदन, लेखिका सारा जोसेफ, पूर्व सांसद सेबेस्टियन पॉल, कवि बी. राजीवन, कार्यकर्ता के. अजिता, गीतानंदन, एम.एन. करस्सेरी, एम.एन. रवुन्नी, अनवर अली और रफीक अहमद शामिल हैं।
ज्ञापन में क्या कहा गया?
इन हस्तियों ने गृह मंत्री को सौंपे ज्ञापन में कहा कि UAPA का राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ इस्तेमाल 'आपातकाल जैसा दमन' है। उन्होंने सरकार से इस कानून के तहत दर्ज मामलों को वापस लेने और भविष्य में इसके दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की।
पुराने मामलों की पुनर्जीवित जांच
ज्ञापन में विशेष रूप से 2012 के एक साजिश मामले का जिक्र किया गया, जिसमें करीब 25 राजनीतिक कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि सरकार ने सत्ता संभालने के कुछ ही हफ्तों में UAPA के तहत नई जांच शुरू कर दी और उन अदालती आदेशों को चुनौती दी जिनमें UAPA के आरोप हटा दिए गए थे।
LDF और UDF सरकारों के रुख में अंतर
हस्तियों ने बताया कि पिछली LDF सरकार के दौरान UAPA के खिलाफ जनता में बढ़ते विरोध के कारण सरकार ने इस कानून के तहत पूर्व अनुमति देने में संयम बरता और अदालतों द्वारा आरोप हटाए जाने पर अपील नहीं की। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के नेतृत्व वाली वर्तमान UDF सरकार ने UAPA के इस्तेमाल को पुनर्जीवित और विस्तारित किया है, जो पहले उनके विरोधी रुख के विपरीत है।
सरकार से तत्काल सुधार की मांग
ज्ञापन में सरकार से आग्रह किया गया कि वह UAPA के तहत दर्ज मामलों को वापस ले और मौजूदा मामलों की समीक्षा कर उन्हें रद्द करे। हस्तियों ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए तत्काल सुधार की मांग की।
FAQ
UAPA क्या है?
UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) एक कठोर कानून है जिसका इस्तेमाल आतंकवाद और अवैध गतिविधियों के मामलों में किया जाता है।
केरल में UAPA के खिलाफ किसने विरोध किया?
केरल के 25 प्रमुख सांस्कृतिक और राजनीतिक हस्तियों ने, जिनमें कवि के. सच्चिदानंदन, लेखिका सारा जोसेफ और पूर्व सांसद सेबेस्टियन पॉल शामिल हैं, सरकार को ज्ञापन सौंपा।
UDF सरकार पर क्या आरोप लगाए गए?
आरोप है कि UDF सरकार ने सत्ता संभालने के कुछ ही हफ्तों में UAPA के तहत नई जांच शुरू कर दी, जो पिछली LDF सरकार के रुख के विपरीत है।