प्रियदर्शिनी योजना का शुभारंभ
केरल सरकार ने सोमवार (15 जून) से KSRTC की साधारण बसों में 'प्रियदर्शिनी' योजना लागू कर दी। इस योजना के तहत महिलाएं और ट्रांसजेंडर व्यक्ति सात श्रेणियों की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। योजना के पहले दिन ही महिला यात्रियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई।
महिला यात्रियों की संख्या में 81% की वृद्धि
KSRTC ने पहले दिन कुल 13.29 लाख महिला यात्रियों को टिकट जारी किए, जो पिछले सप्ताह (8 जून) की तुलना में 81% अधिक है। इनमें से 7.83 लाख महिलाओं को शून्य किराया टिकट जारी किए गए, जिससे उन्होंने योजना का लाभ उठाया।
पुरुष यात्रियों में गिरावट
दूसरी ओर, पुरुष यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई। 8 जून को 6,94,799 पुरुष यात्री थे, जो 15 जून को घटकर 2,26,673 रह गए, यानी 67% की कमी। अधिकारियों के अनुसार, महिलाओं द्वारा अधिक सीटों पर कब्जा करने के कारण पुरुष यात्रियों ने अन्य श्रेणियों की बसों का विकल्प चुना।
कुल यात्री संख्या और राजस्व पर प्रभाव
कुल यात्रियों की संख्या में मामूली वृद्धि हुई: 8 जून को 14,29,492 से बढ़कर 15 जून को 15,56,611 हो गई। हालांकि, राजस्व संग्रह में गिरावट आई: 8 जून को 3.23 करोड़ रुपये से घटकर 15 जून को 2.79 करोड़ रुपये रह गया। KSRTC को पहले दिन 2.20 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ, जिसकी भरपाई राज्य सरकार करेगी।
योजना का विवरण
प्रियदर्शिनी योजना के तहत महिलाएं और ट्रांसजेंडर व्यक्ति KSRTC की सात श्रेणियों की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं: साधारण, सिटी ऑर्डिनरी, लिमिटेड-स्टॉप ऑर्डिनरी, फेयर-स्टेज ऑर्डिनरी, टाउन-टू-टाउन, पॉइंट-टू-पॉइंट और ग्रामवंदी सेवाएं। यह योजना UDF के चुनावी घोषणापत्र का वादा थी, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने सोमवार को किया।
FAQ
प्रियदर्शिनी योजना क्या है?
यह केरल सरकार की एक योजना है जिसके तहत महिलाएं और ट्रांसजेंडर व्यक्ति KSRTC की सात श्रेणियों की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं।
योजना के पहले दिन कितनी महिलाओं ने यात्रा की?
पहले दिन 13.29 लाख महिला यात्रियों ने यात्रा की, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 81% अधिक है।
योजना से KSRTC को कितना राजस्व नुकसान हुआ?
पहले दिन KSRTC को 2.20 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ, जिसकी भरपाई राज्य सरकार करेगी।
योजना का उद्देश्य क्या है?
महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सशक्त बनाना और उन्हें सार्वजनिक परिवहन तक आसान पहुंच प्रदान करना।