मुख्य बातें
केरल की कांग्रेस-नीत UDF सरकार ने अपने वादे को पूरा करते हुए महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए 'प्रियदर्शिनी' योजना शुरू कर दी है। इस योजना के तहत वे KSRTC की साधारण श्रेणी की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा कि इससे लाखों कामकाजी महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक लाभ होगा।
योजना का विवरण
सोमवार को शुरू हुई इस योजना का नाम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर 'प्रियदर्शिनी' रखा गया है। फिलहाल यह पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर केवल साधारण श्रेणी की बसों में लागू है, जिनकी संख्या राज्य भर में लगभग 3,100 है। ये बसें शहरों के भीतर या छोटी दूरी के रूटों पर चलती हैं।
मुख्यमंत्री सतीशन ने परिवहन मंत्री सीपी जॉन, मंत्री बिंदु कृष्णा और केए तुलसी के साथ तिरुवनंतपुरम के थम्पनूर से सचिवालय तक एक KSRTC बस में यात्रा कर योजना का शुभारंभ किया। इस बस के चालक और परिचालिका दोनों महिलाएं थीं। सभी 14 जिलों में समानांतर रूप से योजना का शुभारंभ किया गया।
सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह प्रस्ताव महिलाओं के प्रति हमारे सम्मान और प्रशंसा का प्रतीक है। इसका समाज के वित्तीय और सामाजिक क्षेत्रों पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। साधारण पृष्ठभूमि की लाखों महिलाएं KSRTC बसों पर निर्भर हैं, जिनमें मछुआरे, घरेलू कामगार, छात्राएं, कर्मचारी और आम जनता शामिल हैं। यह योजना उन्हीं के लिए है।"
सरकार ने इस योजना पर सालाना 800 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान लगाया है, लेकिन यह बोझ KSRTC पर नहीं डाला जाएगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि KSRTC जल्द ही सरकार से वित्तीय सहायता लिए बिना योजना चलाने में सक्षम होगी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
वाम दलों (CPI(M) और CPI) ने उद्घाटन समारोह से दूरी बनाए रखी, जबकि BJP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। BJP का आरोप है कि UDF ने चुनावी वादे के विपरीत योजना को सभी श्रेणियों की बसों पर लागू नहीं किया। BJP के महासचिव एस सुरेश ने कहा, "UDF ने चुनाव प्रचार के दौरान सभी KSRTC बसों में मुफ्त यात्रा का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद अपने वादे से पीछे हट गई।"
हालांकि, BJP सांसद और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने योजना का समर्थन किया और कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम महिलाओं को स्वेच्छा से इस लाभ को छोड़ देना चाहिए ताकि अधिक जरूरतमंदों को सहायता मिल सके।
योजना का प्रभाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं द्वारा बचाया गया पैसा राज्य की अर्थव्यवस्था में घूमेगा और आम जनता को लाभ पहुंचाएगा। उन्होंने निजी बस मालिकों को आश्वस्त किया कि उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे भी सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र का हिस्सा हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- प्रियदर्शिनी योजना क्या है? यह केरल सरकार की एक योजना है जिसमें महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को KSRTC की साधारण श्रेणी की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है।
- इस योजना पर सालाना कितना खर्च होगा? सरकार ने इस योजना के लिए सालाना 800 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान लगाया है।
- क्या यह योजना सभी KSRTC बसों पर लागू है? फिलहाल यह केवल साधारण श्रेणी की बसों पर लागू है, जिनकी संख्या लगभग 3,100 है। अन्य श्रेणियों को बाद में शामिल किया जा सकता है।
स्रोत: www.hindustantimes.com