मुख्य तथ्य
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 15 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम के थम्पनूर बस स्टेशन पर 'प्रियदर्शिनी' नामक मुफ्त बस यात्रा योजना का शुभारंभ किया। यह योजना केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की साधारण बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए मुफ्त यात्रा प्रदान करती है।
योजना का विस्तार
परिवहन मंत्री सी.पी. जॉन के अनुसार, यह योजना यूडीएफ सरकार की इंदिरा गारंटी का हिस्सा है। यात्रियों को बस में 'शून्य' किराया टिकट जारी किया जाएगा। कुल 3,125 KSRTC साधारण बसों में से 687 तिरुवनंतपुरम जिले में, 415 कोल्लम में और 325 एर्नाकुलम में हैं। सरकार योजना की पूरी लागत वहन करेगी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी दल सीपीआई(एम) ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया। पार्टी के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने चुनावी वादे को पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा, "उन्होंने कहा था कि महिलाएं कहीं भी यात्रा कर सकती हैं, लेकिन अब इसे केवल 1,000 बसों तक सीमित कर दिया गया है।" उन्होंने यह भी कहा कि उत्तरी केरल में साधारण बसों की संख्या सीमित है, जबकि अधिकांश बसें तिरुवनंतपुरम में हैं।
सरकार का जवाब
परिवहन मंत्री सी.पी. जॉन ने विपक्ष की आलोचना पर कहा, "जब विनाश निकट होता है, तो मन गलत दिशा में काम करता है। हम उनसे अपना रुख बदलने का अनुरोध करते हैं।"
योजना का प्रभाव
इस योजना से केरल में महिलाओं और ट्रांसजेंडरों की गतिशीलता बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि योजना को सभी बसों तक विस्तारित किया जाना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रियदर्शिनी योजना क्या है?
यह केरल सरकार की एक योजना है जिसके तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को KSRTC की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है।
योजना में कितनी बसें शामिल हैं?
कुल 3,125 साधारण बसों में से लगभग 1,000 बसों को इस योजना में शामिल किया गया है।
विपक्ष इस योजना का विरोध क्यों कर रहा है?
विपक्ष का कहना है कि सरकार ने सभी बसों में मुफ्त यात्रा का वादा किया था, लेकिन अब इसे सीमित कर दिया गया है।
स्रोत: www.thehindu.com